रोहतक में भाजपा के जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका के खिलाफ पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में फिर से असंतोष की लहर देखने को मिल रही है। वार्ड 4 से भाजपा कार्यकर्ता एडवोकेट सन्नी लढवाल ने जिलाध्यक्ष पर पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है और उनके इस्तीफे की मांग की है।
पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
एडवोकेट सन्नी लढवाल ने बताया कि जब से रणवीर ढाका जिलाध्यक्ष बने हैं, पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी हो रही है। नए लोगों को पार्टी में शामिल कर उन्हें पद दिए जा रहे हैं, जबकि पार्टी बनाने और सरकार बनाने में अहम योगदान देने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है।
सन्नी लढवाल ने कहा कि जिलाध्यक्ष के कारण पार्टी को नुकसान हो रहा है और पुराने कार्यकर्ता लंबे समय से परेशान हैं। उन्हें अपनी मेहनत और योगदान के बावजूद मान-सम्मान नहीं मिल रहा।
चुनाव के बाद भी नहीं हो रहा काम
एडवोकेट सन्नी ने बताया कि विधानसभा और नगर निगम चुनावों को काफी समय हो गया, लेकिन पुराने कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान देने का वादा पूरा नहीं हुआ। चुनाव के दौरान किए गए वादों के बावजूद उनके काम रुक गए हैं। जिलाध्यक्ष अपने चहेतों को पद दिलवाने में लगे हुए हैं और पुराने कार्यकर्ताओं को पीछे धकेला जा रहा है।
कांग्रेस से आए लोगों को मिल रहे पद
सन्नी लढवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से भाजपा में आए लोगों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें मंडल अध्यक्षों की सूची और मार्केट कमेटी की लिस्ट शामिल हैं। इससे साफ दिखाई देता है कि 20 से 25 साल तक पार्टी की सेवा करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं मिल रही।
प्रदेशाध्यक्ष को शिकायत

पुराने कार्यकर्ता परेशान होकर प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली से शिकायत कर रहे हैं। एडवोकेट सन्नी लढवाल ने कहा कि रणवीर ढाका के कार्यकाल में कुछ भी सही ढंग से नहीं चल रहा। यदि जिलाध्यक्ष पुराने कार्यकर्ताओं का प्रबंधन नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
जिलाध्यक्ष का जवाब
भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका ने कहा कि आरोप लगाने वाले लोग पार्टी के वास्तविक कार्यकर्ता नहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह लोग निगम चुनाव में पार्टी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ चुके थे। उन्होंने दावा किया कि उनके जिलाध्यक्ष बनने के बाद इन्हें पार्टी में ही शामिल कराया गया था, लेकिन अब ये सदस्य नहीं हैं और झूठे आरोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक असर और भविष्य
पार्टी में इस विवाद से रोहतक भाजपा की कार्यप्रणाली और संगठनात्मक कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नए सदस्यों को तरजीह देने की रणनीति से पार्टी की साख और अंदरूनी एकता प्रभावित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी जारी रही, तो यह लंबे समय में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।
