हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल में कार्यरत एएसआई संदीप लाठर ने 14 अक्टूबर को मामा के खेत में बने कोठड़े में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सबसे पहले उनका शव वहीं रहने वाले नौकर जिलेदार ने देखा, जिसने तुरंत पुलिस और संदीप के मामा के बेटे संजय को सूचना दी।
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के बख्तावरपुर गांव का रहने वाला जिलेदार पिछले 15 साल से धान और गेहूं के सीजन में इस खेत में काम करता है। उसने बताया कि 14 अक्टूबर की दोपहर वह नहर के पास गया हुआ था। लगभग एक बजे जब वह कमरे में लौटा, तभी उसे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। पहले उसे लगा कि शायद बिजली के तार आपस में टकरा गए होंगे।

जब जिलेदार ऊपर गया तो सामने संदीप लाठर का शव खून से लथपथ पड़ा था। उसने तुरंत संजय और पुलिस को सूचना दी।
जिलेदार के मुताबिक, संदीप हमेशा खुश रहते थे, हंसते-बोलते थे, और उनके हावभाव से कभी नहीं लगा कि वे मानसिक रूप से परेशान हैं। “वह बहुत अच्छे इंसान थे। मैं लेबर आदमी हूं, पर उन्होंने कभी ऐसा एहसास नहीं होने दिया,” जिलेदार ने कहा।
उसने यह भी बताया कि संदीप आमतौर पर शाम को 7 बजे के बाद कभी खेत में नहीं रुकते थे। जब भी आते थे, थोड़ी बातचीत कर चले जाते थे। सुसाइड वाले दिन उनकी स्कूटी पक्के रास्ते पर खड़ी थी और कोठड़े के अंदर वे अकेले थे।
16 अक्टूबर की शाम को पुलिस टीम डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर लेकर मौके पर पहुंची और खेत में गोली की तलाश की, लेकिन गोली बरामद नहीं हुई।
FIR और जांच की स्थिति
14 अक्टूबर को सुसाइड हुआ।
15 अक्टूबर को परिवार के विरोध के बाद एफआईआर दर्ज की गई और
16 अक्टूबर को पीजीआई रोहतक में पोस्टमॉर्टम के बाद जुलाना (जिला जींद) में अंतिम संस्कार हुआ।
एफआईआर में दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार, पंजाब के बठिंडा ग्रामीण से आप विधायक व आईजी के साले अमित रतन, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार और एसआईएस सुनील कुमार को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने एफआईआर को अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) और आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) समेत कई धाराएं लगाई गई हैं।
