कैथल में सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम ने हाल ही में अपने एक विवादित बयान को लेकर खेद प्रकट किया है। विधायक ने स्वीकार किया कि सफीदों में दिया गया उनका बयान अनुचित था और उनकी भाषा बिल्कुल भी मर्यादित नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द भले गलत थे, लेकिन उनकी मंशा ठीक थी और जो वे कहना चाहते थे, वह पूरी तरह सही मुद्दों पर आधारित था।
“मेरे शब्द गलत थे, लैंग्वेज गलत थी” — विधायक
कैथल में अपने एक नजदीकी के प्रतिष्ठान पर पहुंचे विधायक रामकुमार गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अपने शब्दों का चयन बेहतर करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मंच पर गलत भाषा का उपयोग किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने साफ कहा—
“जो बयान मैंने दिया था वह गलत था, मेरी भाषा अमर्यादित थी। मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था।”
क्या था वह विवादित बयान?
करीब एक सप्ताह पहले सफीदों में दिए गए अपने भाषण में विधायक रामकुमार गौतम ने विपक्षी दलों से जुड़े कुछ लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि—
“बटेऊ (दामाद) चूरमा खा रहा था और कुत्तों को जलन हो रही थी।”
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ लोग वर्तमान हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी से जलते हैं। उन्होंने दावा किया कि नायब सैनी केवल वर्तमान में ही नहीं, अगले प्लान में भी मुख्यमंत्री बनेंगे और विपक्ष चाहे कुछ भी कर ले, उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी, जिसके बाद अब विधायक ने इसे अपनी “गलती” बताया है।

एचकेआरएन भर्तियों पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया
विधायक गौतम ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) की भर्तियों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेरिट बेस्ड भर्ती अच्छी है, लेकिन इससे कई कार्यकर्ताओं के बच्चे पीछे रह गए हैं और वे “लावारिसों की तरह घूम रहे हैं”।
उन्होंने सुझाव दिया—
“भविष्य की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के बच्चों को नौकरी मिलनी चाहिए। HKRN की भर्ती की पावर विधायकों को दी जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ही भाजपा की रीढ़ हैं, इसलिए उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर कटाक्ष
अपने संबोधन में विधायक ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि—
“राहुल गांधी को यह तक नहीं पता कि कौन सी फसल पेड़ पर लगती है और कौन सी जमीन में।”
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी भारतीय संस्कृति से अनभिज्ञ हैं और पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
गौतम ने दावा किया कि भाजपा को दोबारा सत्ता में लाना जरूरी है, नहीं तो देश की स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नीतियों से “भारत से एक और पाकिस्तान निकल सकता है”, इसलिए देश की स्थिरता के लिए भाजपा जरूरी है।
राजनीति में मर्यादित भाषा का महत्व
विधायक रामकुमार गौतम ने भले ही अपनी गलती स्वीकार कर ली है, लेकिन उनका बयान राजनीतिक विवाद का कारण बना हुआ है। हालांकि, उनका कहना है कि—
“भाव सही थे, भाषा गलत थी।”
सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा पर यह एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
