पंचकूला।
पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच में जुटी है। टीम ने अब मुस्तफा परिवार के पंचकूला स्थित घर में काम करने वाले 5 नौकरों और गार्डों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है।
ये सभी कर्मचारी 16 अक्टूबर को सेक्टर-4 की कोठी नंबर 25 पर मौजूद थे, जहां अकील अख्तर की मौत हुई थी। पुलिस उनसे सुबह से रात तक के घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा लेगी ताकि उस दिन क्या हुआ, इसकी सटीक जानकारी मिल सके।
पूर्व DGP से पूछताछ से पहले सबूत जुटा रही SIT
SIT फिलहाल मुस्तफा फैमिली से सीधे पूछताछ करने से परहेज कर रही है। पुलिस चाहती है कि पहले ठोस और साइंटिफिक सबूत हाथ में हों, ताकि फैमिली से पूछे जाने वाले सवाल तथ्य आधारित हों।
इससे पहले 23 अक्टूबर को SIT ने मुस्तफा परिवार को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था, लेकिन उन्होंने जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया था।
डायरी की हैंडराइटिंग की होगी जांच
SIT को अकील अख्तर की डायरी मिल चुकी है, जो परिवार ने 24 अक्टूबर को सहारनपुर में पंचकूला पुलिस को सौंपी थी।
अब पुलिस डायरी में लिखे नोट्स की हैंडराइटिंग की जांच एक्सपर्ट से करवाएगी। इसके लिए अकील के एग्जाम कॉपी, बैंक सिग्नेचर और सरकारी रिकॉर्ड से सैंपल लिए जाएंगे।

कौन हैं मोहम्मद मुस्तफा
मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS अफसर रहे हैं। वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे।
कैप्टन सरकार में उन्हें DGP न बनाए जाने के बाद उनके रिश्ते खराब हो गए और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
रिटायरमेंट के बाद वे कांग्रेस में सक्रिय रहे और नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार भी बने।
पत्नी रजिया सुल्ताना और पुत्रवधू का राजनीतिक सफर
मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना कांग्रेस की सीनियर लीडर हैं और 2017 में कैप्टन सरकार में मंत्री भी रहीं।
वहीं, उनकी पुत्रवधू पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति भी काफी सुर्खियों में रही थी।
मामला हाई प्रोफाइल, SIT जांच जारी
16 अक्टूबर की रात अकील अख्तर का शव पंचकूला सेक्टर-6 अस्पताल में मिला था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
इस हाई-प्रोफाइल केस में SIT अब हर एंगल से जांच कर रही है।
