मोहाली कोर्ट ने फेसबुक को पंजाब CM भगवंत मान की फर्जी वीडियो हटाने का आदेश दिया। आरोपी जगमन समरा की आईडी से पोस्ट हटाई गई, लेकिन वह अब इंस्टाग्राम पर एक्टिव है। मामला सियासी और कानूनी दोनों रूप से गर्माया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में मोहाली कोर्ट ने फेसबुक को 24 घंटे के भीतर इसे हटाने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी जगमन समरा के अकाउंट से वीडियो हटा दी गई। अब उसके अकाउंट पर लिखा है – “यह कंटेंट उपलब्ध नहीं है।”
हालांकि, आरोपी इंस्टाग्राम पर एक्टिव है। गुरुवार रात उसने पोस्ट किया कि पुलिस उसके गांव में महिलाओं को परेशान कर रही है। उसने दावा किया कि वीडियो उसने पोस्ट की और फरीदकोट से जेल तोड़कर आया हूं।
समरा ने कहा कि वह कनाडा का नागरिक है और भारत सरकार उसे सुपुर्दगी नहीं दे सकती। उसने वीडियो में फोटो भी दिखाया और कहा कि किसी भी एआई से चेक कर लिया जाए कि यह असली है या नकली।

सरकार ने मामले में अदालत का रुख अपनाया। कोर्ट ने फेसबुक को निर्देश दिया कि साइबर क्राइम विभाग की सूचना मिलने पर सभी आपत्तिजनक कंटेंट तुरंत हटाए और ब्लॉक करे। गूगल को भी आदेश दिए गए कि ऐसे कंटेंट सर्च रिजल्ट में न दिखें।
20 अक्टूबर को समरा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर CM को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने मोहाली स्टेट साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कराई। बावजूद इसके आरोपी ने नए पोस्ट डालना जारी रखा।
सियासी प्रतिक्रिया भी तेज हुई। पंजाब भाजपा के अश्वनी शर्मा ने सवाल उठाए और AAP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम का बचाव किया। CM भगवंत मान ने भी कहा कि उनके पास फेक वीडियो के अलावा और क्या है।
