हिसार | विशेष रिपोर्ट
हरियाणा के हिसार ज़िले के नलवा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रणधीर पनिहार को अपने ही हलके में विरोध का सामना करना पड़ा। विधायक शनिवार को टोकस पातन गांव में बारिश से हुए जलभराव के बाद राहत-बचाव कार्यों का जायज़ा लेने पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही वे ग्रामीणों से बातचीत व फोटो खिंचवाने लगे, लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीण आत्माराम, लीलूराम वर्मा, पूर्व सरपंच भाल सिंह और अन्य लोगों ने विधायक को घेर लिया और सवाल दागे —
👉 “जब हम मुसीबत में थे, तब आप कहां थे?”
विधायक ने जवाब में कहा कि उन्होंने गांव में 2 करोड़ रुपए के पाइप, खाना, मोटरें और डीज़ल भेजा है। इस पर ग्रामीण और भड़क उठे। उन्होंने पलटकर कहा —
👉 “कहां हैं 2 करोड़ रुपए के पाइप? दिखाइए तो सही!”
विधायक ने कहा कि वे पहले दिन से राहत कार्यों में शामिल हैं और उनका परिवार भी मदद के लिए आया था। लेकिन ग्रामीणों ने इसका खंडन किया और कहा कि उन्होंने विधायक को कभी मौके पर नहीं देखा। माहौल बिगड़ता देख विधायक अपने समर्थकों के साथ गांव से निकल गए।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वहीं, रणधीर पनिहार ने कहा कि वीडियो को एडिट करके वायरल किया गया है और असलियत कुछ और है।
जिला पार्षद प्रतिनिधि बोले — “विधायक नंबर बनाने आए थे”
जिला पार्षद प्रतिनिधि संदीप धीरणवास ने कहा कि नलवा हलके में हुए कार्यों में विधायक का कोई योगदान नहीं रहा।
- टोकस पातन में जिला परिषद ने 4 मोटरें भेजीं
- खाना-पीना और मोटरें पंचायत फंड व ग्रामीणों के सहयोग से आईं
- उन्होंने अपनी जेब से डीज़ल और 9 ट्रैक्टर तक उपलब्ध करवाए
धीरणवास के अनुसार, विधायक को एक महीने बाद गांव की याद आई, जबकि इंदिरा कॉलोनी और हज़ारों एकड़ ज़मीन में अब भी पानी भरा हुआ है।
विधायक का बयान — “मेरा कोई विरोध नहीं हुआ”
विधायक रणधीर पनिहार ने विरोध की बात को नकारते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आपदा राहत में योगदान दिया है।
- घर से पैसा लगाया
- खाना, मोटरें, डीज़ल और पाइपें भेजीं
- भजनलाल ग्लोबल संस्था, रामपाल महाराज और गांवड़िया साहब ने भी मदद की
उन्होंने कहा कि “मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने 3 महीने का वेतन बाढ़ राहत कार्यों में दिया।”
पहले भी वायरल हुआ था एक वीडियो
4 महीने पहले भी रणधीर पनिहार का एक वीडियो चर्चा में आया था, जिसमें वे टूटी नहर में उतरकर कस्सी से पानी रोकने की कोशिश कर रहे थे।
कांग्रेस नेता अनिल मान ने उस पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “अनपढ़” कहा था और पोस्ट में लिखा था कि —
“इतनी बड़ी टूटी नहर में कस्सी से पानी रोकना अक्लमंदी नहीं, बल्कि पब्लिसिटी ड्रामा है।”
