पानीपत शुगर मिल में इस साल का पेराई सत्र 28 नवंबर 2025 से शुरू होने जा रहा है। इस संबंध में शनिवार को किसानों और शुगर मिल प्रबंधन के बीच एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर से कई किसान उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता शुगर मिल के प्रबंध निदेशक (MD) संदीप कुमार ने की।
बैठक में कैन मैनेजर विनय कुमार, गन्ना समिति के प्रधान जय कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर किसानों को पेराई सत्र की तैयारियों, नई सुविधाओं और संचालन संबंधी निर्देशों की जानकारी दी गई।
किसानों के लिए नया मोबाइल ऐप
एमडी संदीप कुमार ने बैठक में बताया कि इस बार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई मोबाइल ऐप विकसित की गई है। इस ऐप के माध्यम से किसान अपना कोड नंबर डालकर पूरे पेराई सत्र की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
किसान ऐप में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- पर्ची और टोकन नंबर की जानकारी
- गन्ना ट्राली को कैन यार्ड की किस लाइन में ले जाना है
- शुगर मिल में वर्तमान में कौन सा टोकन नंबर चल रहा है
- भुगतान संबंधी जानकारी तुरंत प्राप्त करना
इस ऐप से किसानों को समय की बचत होगी और उन्हें पेराई प्रक्रिया में आसानी होगी।
तोला कांटे के पास नई सुविधाएं
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तोला कांटे के पास एक कैंटीन का भी निर्माण किया गया है। इससे किसान पेराई के दौरान आराम और भोजन की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

संदीप कुमार ने किसानों से उनके सुझाव भी लिए और उन्हें 28 नवंबर को पेराई सत्र के शुभारंभ पर उपस्थित होने का निमंत्रण दिया।
किसानों की भागीदारी और तैयारी
बैठक में किसानों ने पेराई सत्र से जुड़े सवाल पूछे और शुगर मिल प्रबंधन ने उन्हें विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित किसानों में नफे सिंह, महावीर कादयान, समय सिंह नंबरदार, संजय, भूषण, मनोज जागलान और पीए विजय राठी शामिल थे।
प्रबंधन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस बार पेराई सत्र समयबद्ध और सुचारू रूप से चलेगा। सभी कार्यवाही की निगरानी शुगर मिल अधिकारी करेंगे और किसानों की परेशानियों को तुरंत हल किया जाएगा।
पेराई सत्र का महत्व
पेराई सत्र किसानों के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि गन्ने की कटाई और मिल में पेराई का समय सीधे किसानों की आमदनी से जुड़ा होता है। इस बार मोबाइल ऐप और नई सुविधाओं के माध्यम से किसानों को समय पर सूचना और भुगतान की जानकारी मिलने से उनकी सुविधा और संतुष्टि बढ़ेगी।
शुगर मिल प्रबंधन ने यह भी कहा कि किसानों की भागीदारी और सहयोग से ही पेराई सत्र सफल होगा। सभी किसानों से अनुरोध किया गया कि वे समय पर ट्राली और गन्ना लेकर शुगर मिल में आएं और निर्धारित नियमों का पालन करें।
पानीपत शुगर मिल का 28 नवंबर से पेराई सत्र किसानों और मिल प्रबंधन दोनों के लिए नई शुरुआत लेकर आया है। मोबाइल ऐप, कैंटीन और समयबद्ध संचालन जैसी नई सुविधाओं से इस सत्र को सुचारू और किसानों के अनुकूल बनाया गया है।
किसानों और अधिकारियों की सहयोगात्मक भागीदारी से इस साल का पेराई सत्र सफल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
