दो साल में चार बच्चों की हत्या: पानीपत की 32 वर्षीय पूनम कैसे बनी ‘साइको किलर’, पढ़ें पूरी खौफनाक कहानी
हरियाणा के पानीपत जिले से निकलकर पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाला मामला—32 वर्षीय पूनम का। वह महिला जिसने दो साल में चार मासूम बच्चों को पानी में डुबोकर मार दिया। पति के बेटे से लेकर ननद की बेटी, चचेरे भाई की बच्ची और मामा के बेटे की बच्ची… किसी को नहीं छोड़ा।
लेकिन एक घरेलू महिला आखिर इस कदर ‘साइको किलर’ कैसे बन गई? यह सवाल हर किसी के मन में है।
शुरुआत: शादी, पढ़ाई और सामान्य जिंदगी
पूनम की शादी वर्ष 2019 में सोनीपत के नवीन से हुई थी। वह एमए पास थी और शादी के बाद बीएड भी किया। दो साल तक सबकुछ सामान्य चला। 2020 में पहला बेटा हुआ—शुभम।
पर यहीं से कहानी बदली।
पति नवीन के अनुसार, पूनम को सुंदर बच्चों से जलन होने लगी। जब कोई उसके बेटे की तुलना किसी सुंदर बच्चे से करता, वह भड़क जाती।
पहला ट्विस्ट: जनवरी 2023 की दो मौतें
11 जनवरी 2023 को पूनम ने अपनी ननद की बेटी इशिका और अपने बेटे शुभम का खुशहाल वीडियो बनाया। दोनों बच्चे हंसते-खेलते नजर आए।
लेकिन अगले ही दिन दोनों की डूबकर मौत हो गई।
परिवार ने हादसा समझकर संस्कार कर दिए।
अब खुलासा हुआ कि—
इशिका की खूबसूरती और मासूमियत से जलकर पूनम ने उसे मारा था।
और शक न हो, इसलिए अपने ही बेटे की हत्या भी कर डाली।
ड्रामे की शुरुआत: बेसुध होना, रोना और ‘सदमे’ का खेल
मौत के बाद पूनम रोने, बेसुध होने, बुरी हालत दिखाने का नाटक करती रही।
डॉक्टर बोले—“सदमा है, ठीक हो जाएगी।”
लेकिन जैसे ही वह मायके जाती—पूरी तरह सामान्य!
और जैसे ही ससुराल लौटती—फिर ‘सदमे’ वाली एक्टिंग।
आगजनी और तांत्रिक की कहानी
घर में एक के बाद एक आग लगने लगी—
कभी पर्दों में, कभी कपड़ों में, कभी मंदिर में।
पूनम खुद को “पीड़ित” दिखाती रही और घरवालों को विश्वास दिलाती रही कि किसी मृत युवक की आत्मा उसे परेशान कर रही है।
परिवार उसे UP के कैराना ले गया।
तांत्रिक ने कुछ मंत्र बोले और पूनम अचानक सामान्य हो गई।
दूसरे बच्चे का जन्म और फिर से उथल-पुथल
पूनम ने 2024 में दूसरा बेटा जन्मा। परिवार खुश हुआ कि सब ठीक हो गया।
लेकिन जल्द ही उसने मायके जाने, झगड़े करने, अचानक गायब होने जैसी हरकतें शुरू कर दीं।

घर में महिलाओं के कपड़े काटना, बच्चों के कपड़े उपलों में डालना—अजीब घटनाएं बढ़ती गईं।
हत्या का सिलसिला — एक के बाद एक मासूम का अंत
1️⃣ जनवरी 2023 – दो बच्चों की हत्या
- शुभम (3 साल) – अपना बेटा
- इशिका (9 साल) – ननद की बेटी
दोनों को पानी के टैंक में डुबोकर मारा।
2️⃣ अगस्त 2025 – मायके में एक और बच्ची की हत्या
- जिया (6 वर्ष) – चचेरे भाई की बेटी
सिवाह गांव में पानी की टंकी में डुबोकर हत्या।
परिवार ने हादसा मानकर संस्कार कर दिए।
3️⃣ नवंबर 2025 – शादी में आई बच्ची की हत्या
पूनम मायके आई हुई थी। नौल्था में उसके पति के मामा के बेटे की शादी थी।
- विधि (8 वर्ष) – जिसके कपड़े पहले भी पूनम काट चुकी थी।
1 दिसंबर को घर खाली था, तभी पूनम विधि को छत पर ले गई।
पानी से भरा टब स्टोर रूम में रखा, बच्ची से बात करते हुए अंदर करवाया।
और फिर—
टब में गर्दन दबाकर उसकी हत्या कर दी।
सभी को शक न हो, इसलिए अपनी चूड़ियां उतार दीं।
दरवाजे की कुंडी बाहर से लगाई और नीचे उतर गई।
सबसे बड़ा विडंबना
जिस लड़की (विधि) को पूनम ने मारा…
आज उसी विधि की मां उसके छोटे बेटे को संभाल रही है।
पानीपत पुलिस की जांच
FSL टीम और पुलिस ने सिवाह गांव में जाकर क्राइम सीन की जांच की।
पूछताछ में पूनम ने चारों हत्याओं का कबूलनामा कर लिया।
एक घरेलू और शिक्षित महिला आखिर किलर कैसे बनी?
पति, परिवार, डॉक्टर—सब हैरान।
एक महिला ने कैसे
- प्लान बनाया
- स्क्रिप्ट रची
- झूठे नाटक किए
- और दो साल तक किसी को शक नहीं होने दिया?
यह केस अब मनोवैज्ञानिक और क्राइम विशेषज्ञों के लिए भी बड़ा सवाल है।
