पानीपत जिले में पुलिस ने ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 18 ग्राम अफीम तस्करी के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव नैन के सचिन उर्फ चिंटू और गांव वैसर के सचिन के रूप में हुई है। ये दोनों पहले से ही फरार चल रहे थे।
अभियान और कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह (आईपीएस) के आदेशानुसार अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ चलाया जा रहा है। पानीपत पुलिस ने एसपी भूपेंद्र सिंह (आईपीएस) के कुशल नेतृत्व में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए इस तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कदम उठाया। अभियान के तहत पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तस्करों की लोकेशन का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार किया।
अभियुक्तों का जुर्म और पूछताछ
सीआईए 3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले गिरफ्तार हो चुके सावेज, निखिल और एक अन्य साथी के साथ मिलकर अफीम तस्करी की थी। आरोपियों का कहना था कि उन्होंने छोटे रास्ते से पैसा कमाने की लालच में यह कदम उठाया।
सावेज राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से सस्ते दामों पर अफीम लाकर बेचने के उद्देश्य से उनके पास आया था। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी अब तलाश की जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि 13 अक्टूबर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अटावला से उरलाना रोड पर एक कार को रोककर वैसर के निखिल और कैराना के सावेज को 1 किलो 18 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अब नए गिरफ्तार आरोपियों सचिन उर्फ अक्षय और सचिन को कोर्ट में पेश कर चार दिन की रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का उद्देश्य इस अफीम तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य व्यापारियों और संपर्कों का पता लगाना है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
पुलिस ने कहा कि यह गिरफ्तारी न केवल अवैध अफीम की आपूर्ति रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को तुरंत दें।
पानीपत पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि राज्य में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पुलिस की सतर्कता और गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाईयों से अपराधियों पर शिकंजा कसने में मदद मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत और भी अपराधियों को पकड़ा जाएगा और तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध ड्रग्स कारोबार में शामिल कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
