पानीपत पुलिस ने एक दुकानदार पर जानलेवा हमला करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव मंडी निवासी रिंकू पुत्र जगबीर के रूप में हुई है।
सीआईए वन टीम की त्वरित कार्रवाई
मामले की जांच कर रही सीआईए वन पानीपत की टीम ने थाना इसराना क्षेत्र के गांव मंडी में आरोपी रिंकू को पकड़ा। यह वही मामला है जिसमें एक मोबाइल दुकान संचालक पर जानलेवा हमला किया गया था। इससे पहले पुलिस पहले आरोपी उपदेश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
इंस्पेक्टर विजय की अगुवाई में टीम ने छापेमारी की और रिंकू को काबू किया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर दुकानदार को जान से मारने की नीयत से हमला किया था।
पूछताछ में कबूली वारदात, रिमांड पर भेजा गया
सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी रिंकू ने अपने साथी उपदेश के साथ मिलकर मोबाइल संचालक पर हमला करने की बात स्वीकार कर ली है।
पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे (हथियार) की बरामदगी के लिए आरोपी को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, हथियार बरामद होने के बाद केस और मजबूत होगा तथा हमले का वास्तविक कारण भी स्पष्ट किया जाएगा।
पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह
शिकायतकर्ता अमित (निवासी गांव मंडी, थाना इसराना) ने बताया कि उसकी गांव के बस अड्डे पर मोबाइल फोन की दुकान है। करीब एक साल पहले उसकी रिंकू के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
मामले को पंचायत में बैठकर रिंकू के पिता ने गलती मानकर निपटा दिया था और उस समय सब कुछ शांत हो गया था।
लेकिन शिकायत के अनुसार, रिंकू ने मन में पुरानी रंजिश पाल ली और तीन महीने पहले अमित के चचेरे भाई सुमित उर्फ सीटू को जान से मारने की धमकी भी दे दी थी।
1 अक्टूबर की रात हुई वारदात
हालांकि समझौते के बाद भी रिंकू ने बदला लेने की नीयत नहीं छोड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, 1 अक्टूबर की रात, रिंकू और उसके साथी उपदेश ने अमित पर घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में घायल अमित किसी तरह जान बचाकर निकला और बाद में थाना इसराना पहुंचकर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
पुलिस की तेज पड़ताल: दोनों आरोपी गिरफ्त में
मामला दर्ज होते ही पुलिस सक्रिय हुई और सीआईए वन टीम ने पहले आरोपी उपदेश को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस लगातार रिंकू की तलाश कर रही थी, जिसे अब ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत दबोच लिया गया।
पानीपत पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा जल्द ही शस्त्र बरामद कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
ऑपरेशन ट्रैक डाउन क्या है?
DGP ओ.पी. सिंह ने हाल ही में पूरे राज्य में अपराधियों, फरार आरोपियों और गिरोहों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान “ऑपरेशन ट्रैक डाउन” शुरू किया है। इसके तहत मामलों में लंबे समय से फरार या सक्रिय अपराधियों को पकड़ने के लिए खास टीमें गठित की गई हैं।
पानीपत में यह गिरफ्तारी उसी अभियान का हिस्सा है।

