हरियाणा के पानीपत जिले के न्यू मॉडल टाउन इलाके में रविवार को हुआ फैक्ट्री आग हादसा अब भी लोगों के ज़हन में दहशत बनकर कायम है। एन्वे रग्स नाम की फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने न केवल फैक्ट्री को बल्कि आसपास बने कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। सोमवार तक आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कई परिवारों की बरसों की मेहनत और खुशियां राख बन गईं।
दीवारों में दरारें, झुकी छतें
रिहायशी क्षेत्र में बनी इस फैक्ट्री से उठी आग की लपटों ने आस-पास के मकानों को भी चपेट में ले लिया। कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं, पिलर हिल गए और छतें झुक गईं। लोग अब इन घरों में रहना भी सुरक्षित नहीं मान रहे हैं।
जिला अग्निशमन अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री संचालक के पास एनओसी (No Objection Certificate) नहीं होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच जारी है।
पूरी जिंदगी की कमाई राख हो गई”
न्यू मॉडल टाउन की निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले 60 लाख रुपये खर्च कर यह मकान खरीदा था। अब दीवारों में दरारें आ गई हैं और मकान रहने लायक नहीं बचा। उनके बेटे जय ने कहा, “पहली मंजिल के कमरों का पिलास्टर गिर गया है। हमें घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ा। आज तक कोई अधिकारी हाल जानने नहीं आया।”
तीन बार लग चुकी आग
स्थानीय निवासी रणधीर सिंह ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में इस फैक्ट्री में यह तीसरी बार आग लगी है। हर बार उनके घर को नुकसान हुआ, दीवारें टूटीं, और प्रशासन ने सिर्फ कागज़ी कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “हमने कई बार शिकायत दी कि रिहायशी इलाके में फैक्ट्री नहीं चलनी चाहिए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब फिर वही दर्द झेल रहे हैं।”

सपनों का घर उजड़ गया
फैक्ट्री के पास ही अरुण का नया मकान बन रहा था। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपये का लोन लेकर मकान बनवा रहे थे, लेकिन आग के बाद दीवारों में दरारें और फर्श टूट गए। अरुण ने कहा, “सपनों का घर बन नहीं पाया और उजड़ गया।”
कोर्ट में जाएंगे प्रभावित परिवार
स्थानीय निवासियों ने अब फैसला किया है कि वे फैक्ट्री संचालक और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। पीड़ित परिवारों की मांग है कि प्रशासन मकानों की मरम्मत करवाए और इस फैक्ट्री को रिहायशी इलाके से हटाए।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब रिहायशी इलाके में फैक्ट्री संचालन की अनुमति नहीं होती, तो एन्वे रग्स फैक्ट्री को कैसे चलने दिया गया। अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो आज दर्जनों परिवार बेघर नहीं होते।
