राष्ट्रीय स्तर पर चमकी पानीपत की बेटी: अनु जागलान ने 100 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर हरियाणा का गौरव बढ़ाया
पानीपत जिले के नौल्था क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल की प्रतिभाशाली छात्रा अनु जागलान ने मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में अंडर-14 आयुवर्ग की 100 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर न केवल अपने स्कूल का नाम रोशन किया बल्कि पूरे हरियाणा का गर्व बढ़ाया है।
1 से 4 दिसंबर तक इंदौर में खेल महाकुंभ
स्कूल प्राचार्या हरप्रीत कौर के अनुसार, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 1 से 4 दिसंबर तक इंदौर में संपन्न हुई। अनु ने पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अंडर-14 वर्ग में हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 100 मीटर रेस में दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
गांव नौल्था में अनु का भव्य स्वागत

प्रतियोगिता में विजय के बाद जब अनु अपने गांव लौटीं तो ग्रामीणों, परिजनों और स्कूल स्टाफ ने उनका जोरदार स्वागत किया। गांव के लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पदक विजेता अनु और जतिन ढौचक का सम्मान किया। ग्रामीणों ने उन्हें अपने क्षेत्र की ‘गौरव बिटिया’ बताया।
बेटी पूरे कर रही पिता के अधूरे सपने
अनु के पिता कृष्ण कुमार, जो खुद स्टेट लेवल कुश्ती खिलाड़ी रहे हैं, चोट लगने के कारण आगे खेल नहीं खेल पाए। उन्होंने बताया कि अनु बचपन से ही तेज दौड़ती है। पिता के अनुसार,
“अनु वह सब हासिल कर रही है जो मैं चोट के कारण नहीं कर सका। उसे देखकर गर्व होता है कि मेरे सपने बेटी पूरा कर रही है।”
अनु अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक जीत चुकी हैं। 2017 में खेल में करियर की शुरुआत करने के बाद अनु ने 2019 में अपना पहला स्कूली राज्य स्तर का मेडल जीता था।
पहले भी जीते कई मेडल
अनु का खेल प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में 60 मीटर रेस, बैक थ्रो और लॉन्ग जंप में स्वर्ण पदक जीता था।
इसके अलावा, 10 से 14 अक्टूबर को ओडिशा में हुई ट्रेथलान प्रतियोगिता में भी अनु ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। उनकी मेहनत, फिटनेस और समर्पण उन्हें देश की शीर्ष युवा धावक के रूप में पहचान दिला रहा है।
लक्ष्य ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना
अनु का सपना है कि वह भविष्य में भारत की पहली नंबर-1 धावक बने और ओलिंपिक खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीते। खेलों के प्रति उनका जुनून और नियमित अभ्यास गांव के बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है।
यूनिवर्सिटी ने किया सम्मानित
गीता यूनिवर्सिटी के कुलपति अंकुश बंसल ने अनु को 5100 रुपये देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा—
“अनु जागलान जैसे खिलाड़ी लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी उपलब्धियों से स्कूल और विश्वविद्यालय दोनों के विद्यार्थियों में खेलों के प्रति नई ऊर्जा आएगी।”
गांव ने मनाई उपलब्धि, दिया आशीर्वाद
इस मौके पर जोगिंदर नंबरदार, राजवीर सिंह, महिपाल सिंह, नौल्था गांव के सरपंच बलराज सिंह और नौल्था डुंगरान के सरपंच पति नीरज कौशिक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने अनु को आशीर्वाद दिया और कहा कि वह देश का नाम रोशन करे।
