पानीपत में सोमवार को नगर निगम के अधीन कार्यरत करीब 200 सफाई कर्मियों ने जिला लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य कारण तीन महीनों से रुका हुआ वेतन था। कर्मचारियों ने कहा कि वे उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे और सितंबर, अक्टूबर व नवंबर 2025 का बकाया वेतन तुरंत जारी करने की मांग करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और उनके सहयोगियों ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। सफाई कर्मियों ने बताया कि वे हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से भर्ती किए गए थे और 1 सितंबर 2025 से लगातार सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी कर रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें तीन महीनों का वेतन नहीं मिला।
युवाओं में भारी रोष और रोजगार की मजबूरी
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उनमें से कई बीए, बीएससी और एमए पास युवा हैं, जिन्हें मूल रूप से रोजगार नहीं मिल रहा था। मजबूरी में उन्होंने सफाई कर्मचारी के पद के लिए आवेदन किया ताकि परिवार का भरण-पोषण किया जा सके। तीन महीने तक काम करने के बाद अचानक कुछ कर्मचारियों को बिना किसी कारण के नौकरी से बाहर कर दिया गया, जबकि कुछ को आंशिक वेतन दिया गया।
कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम ने भर्ती के समय समय पर वेतन देने और नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन आज तक न तो वेतन मिला और न ही कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को बच्चों की फीस, मकान किराया और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में भारी कठिनाई हो रही है।
नगर निगम अधिकारियों की प्रतिक्रिया
नगर निगम के अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह भर्ती स्वच्छ भारत अभियान के तहत तीन महीनों की जरूरत के लिए की गई थी। हरियाणा कौशल रोजगार निगम से लिस्ट मिलने के बाद ही इन कर्मचारियों को नियुक्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की भर्ती और वेतन संबंधी प्रक्रियाओं में प्रशासनिक काम चल रहा है और जल्द ही वेतन भुगतान किया जाएगा।

प्रदर्शन का असर और भविष्य की कार्रवाई
सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन से नगर निगम प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। कर्मचारी अपने ज्ञापन और शिकायतों के माध्यम से वेतन भुगतान की मांग को लेकर अधिकारियों से मिलकर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय जनता और कर्मचारी संगठन भी उनके समर्थन में खड़े हैं, ताकि प्रशासन कर्मचारियों के अधिकारों और हक का सम्मान करे।
एसोसिएशन नेताओं ने कहा कि यदि तीन महीनों का वेतन जल्द नहीं मिला, तो वे आंदोलन और अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे न केवल अपने वेतन की मांग कर रहे हैं, बल्कि नगर निगम में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की भी आवश्यकता है।
यह मामला पानीपत के सफाई कर्मचारियों के लिए नौकरी और वेतन सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेश देता है। इसके साथ ही यह प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि कर्मचारियों के हक का सम्मान करना और समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
