हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों के अंतर्गत पानीपत के इसराना स्थित राजकीय महाविद्यालय में एचआईवी, एड्स और टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम ने किया।
शिविर में पानीपत सिविल अस्पताल से आए डॉ. रविंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. रविंद्र ने छात्रों और उपस्थित लोगों को एचआईवी से बचाव के उपायों के बारे में बताया और कहा कि सावधानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस गंभीर बीमारी के फैलने के मुख्य कारणों को जानने पर जोर दिया।
टीबी और अन्य बीमारियों पर जानकारी:
डॉ. रविंद्र सिंह ने टीबी से बचाव के उपायों और लक्षणों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में टीबी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह अनुसार नियमित दवाइयां लेना शुरू करें। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम दो बार एचआईवी और अन्य बीमारियों की जांच अवश्य करानी चाहिए।
डॉ. रविंद्र ने हेल्पलाइन नंबर 1097 की जानकारी दी, जो 24 घंटे उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को एचआईवी पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नियमित इलाज करवाना चाहिए और उसकी रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

महाविद्यालय प्राचार्य का संदेश:
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम ने शिविर के उद्घाटन के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है। उन्होंने बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य और बीमारियों की जानकारी होना अत्यंत जरूरी है।
डॉ. हरिओम ने छात्रों से अपील की कि वे केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी एचआईवी, एड्स और टीबी के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसराना महाविद्यालय में आयोजित यह शिविर न केवल छात्रों को शिक्षा देने के उद्देश्य से था, बल्कि स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों ने मिलकर सभी उपस्थित लोगों को बीमारियों से बचाव, नियमित जांच और सुरक्षित जीवनशैली के उपायों के बारे में मार्गदर्शन दिया।
इस तरह के स्वास्थ्य जागरूकता शिविर समाज और छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं, जिससे लोग गंभीर बीमारियों के प्रति सजग रहते हैं और समय पर उचित इलाज करवा पाते हैं।
