पानीपत जिले में रविवार रात अवैध शराब कारोबार का भंडाफोड़ करने वाले 36 वर्षीय चरणजीत की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि चरणजीत ने कई बार पुलिस को अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें दीं, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण शराब माफिया खुलेआम सक्रिय रहे।
मृतक चरणजीत पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र के निवासी थे। परिवार के अनुसार, सैनी कॉलोनी क्षेत्र में सचिन और मोंटी नामक दो भाई लंबे समय से अवैध शराब बेच रहे थे। चरणजीत ने इनकी गतिविधियों की कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
परिजनों के मुताबिक, सचिन और मोंटी चरणजीत के शराब के ठेकों से व्यापारिक जलन रखते थे। पहले भी दोनों पक्षों में कई बार झगड़ा और धमकियां हो चुकी थीं। रविवार रात विवाद के दौरान सचिन और मोंटी ने चरणजीत पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक के परिवार में पत्नी ज्योति और दो छोटी बेटियां (5 साल और डेढ़ साल की) हैं। ज्योति ने कहा, “मेरे पति ने सिर्फ सच बोलने की हिम्मत की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी बात को हल्के में लिया। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो आज वह जिंदा होते।”
डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, परिवार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई बहुत देर से शुरू हुई है।
