पानीपत में रोडवेज की ई-बसें अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दौड़ेंगी। शहर में पहले ही पांच ई-बसें चल रही हैं, और अब डिपो को 15 नई वातानुकूलित (AC) ई-बसें मिल गई हैं, जबकि पांच बसें जल्द ही डिपो में पहुँचेंगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी जल्द ही इन नई बसों का शुभारंभ करेंगे।
पानीपत रोडवेज के जनरल मैनेजर विक्रम कंबोज ने बताया कि योजना के तहत कुल 50 ई-बसें पानीपत को मिलेंगी। फिलहाल 20 बसें डिपो में आ चुकी हैं और शेष बसें आने के बाद यात्रियों के लिए यात्रा और अधिक सुगम होगी। प्रत्येक बस एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 100 किलोमीटर चल सकती है और केवल एक घंटे में चार्ज हो जाती है।
इन क्षेत्रों में दौड़ेंगी बसें:
नई ई-बसें पानीपत शहर के साथ-साथ बापौली, इसराना, मडलौडा, समालखा, बबैल, सिवाह, दीवाना, बिंझौल, उग्राखीरी, कुटानी, चंदौली, सफीदों, करनाल, बापौल, टोल प्लाजा और आसपास क्षेत्रों में यात्रियों को सेवा देंगी। इससे हजारों लोगों को सस्ती, सुविधाजनक और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा।
बस की विशेषताएँ और सुविधा:
एक ई-बस की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए है। इन बसों में यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें, स्वचालित एलान प्रणाली और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर यात्रियों को उतरने और चढ़ने की जानकारी ऑडियो अलर्ट के माध्यम से दी जाएगी। प्रत्येक बस में 45 आरामदायक रिक्लाइनर सीटें हैं और पूरी तरह एसी है।
ई-बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन:
पुराने बस स्टैंड के पास ई-बसों के लिए अलग डिपो बनाया गया है, जिसमें 9 चार्जिंग पॉइंट स्थापित हैं। इससे एक साथ कई बसों को चार्ज किया जा सकता है, जिससे सेवाओं में बाधा नहीं आएगी।

किराया और ट्रेनिंग:
डिपो अधिकारियों ने बताया कि ई-बस का किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है, जबकि सामान्य बस का किराया 1.35 रुपए प्रति किलोमीटर है। महाप्रबंधक विक्रम कंबोज ने बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक बस की तकनीक, बैटरी प्रबंधन, सुरक्षा मानक और यात्रियों की सुविधा शामिल है।
पर्यावरण और आधुनिकता:
ई-बसें न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम योगदान देंगी, बल्कि पानीपत की ट्रांसपोर्ट प्रणाली को आधुनिक और नई पहचान भी देंगी।
पानीपत में इन बसों के शुरू होने के बाद यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा।
