पानीपत जिले के मतलौड़ा उपमंडल इसराना के गांव बलाना में शुक्रवार सुबह बलाना स्ट्रीट कोटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। घटना सुबह लगभग 8:30 बजे हुई, जब फैक्ट्री में दूसरी शिफ्ट के मजदूर ड्यूटी के लिए पहुँच रहे थे।
फैक्ट्री में मचा हड़कंप
फैक्ट्री संचालक राजीव गुप्ता ने बताया कि फैक्ट्री में धागा बनाने का काम होता है और धागा तैयार करने के लिए काफी मात्रा में कच्चा माल रखा गया था। सुबह की पहली शिफ्ट समाप्त होने के बाद जब दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी फैक्ट्री में प्रवेश कर रहे थे, तभी फैक्ट्री के एक साइड से धुआँ उठता दिखाई दिया।
मजदूरों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। देखते ही देखते आग फैल गई, जिसे शुरू में शॉर्ट सर्किट के कारण लगने की आशंका जताई जा रही है।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी गई। मौके पर पाँच फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुँचीं और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के समय फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में कच्चा माल रखा हुआ था, जो जलकर राख हो गया।

फैक्ट्री संचालक ने बताया कि आग से लगभग 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि, समय रहते सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मजदूरों ने कहा कि आग लगने के समय वे ड्यूटी के लिए फैक्ट्री में पहुँच ही रहे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस और राहत कार्य
राजीव गुप्ता ने बताया कि उन्होंने डायल 112 पर तुरंत कॉल की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर राहत कार्य में जुट गई। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण फैली। हालांकि, फैक्ट्री में लगे सुरक्षा उपकरण और कर्मचारियों की सतर्कता ने किसी भी गंभीर जनहानि को रोक दिया। अधिकारी आग की विस्तृत जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुझाए जाने की संभावना है।
मजदूरों की सुरक्षा और जागरूकता
मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में आग लगने के समय वे सुबह की शिफ्ट में आने ही वाले थे। समय रहते बचाव के कारण कोई गंभीर चोट या हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों ने भी मजदूरों को आग से बचने के लिए तत्काल बाहर निकलने की सलाह दी।
बलाना स्ट्रीट कोटेक्स फैक्ट्री की घटना ने यह स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन और कर्मचारियों की सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय रहते उठाए गए कदमों और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टला, लेकिन लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
इस घटना से यह भी संदेश मिलता है कि उद्योग क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है।
