पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुक्रवार को राज्य खेल मंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हाल ही में रोहतक और झज्जर के दो खिलाड़ियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और दोनों खिलाड़ियों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत की जांच अब हाई लेवल कमेटी करेगी। इस मामले में प्रदेश सरकार गंभीर है और सभी पहलुओं की गहराई से जाँच की जाएगी।
स्टेडियमों की हालत और रखरखाव पर चर्चा
जिला खेल अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि कई जिलों के स्टेडियमों की हालत खराब है और रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा। कई जगहों पर मरम्मत लंबित है, जिससे खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस पर मंत्री गौरव गौतम ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 114 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है, और अब जिन जिलों में फंड पहुँच गया है, वहाँ जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर मरम्मत का काम कराया जाएगा।
उन्होंने जिला खेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 3 महीने के भीतर स्टेडियमों का सुधार कार्य पूरा करने पर फोकस किया जाए।
हरियाणा में जल्द अलॉट होंगी 500 खेल नर्सरियां
बैठक में खेल नर्सरियों का मुद्दा भी उठा। वर्तमान में पूरे प्रदेश में लगभग 1500 खेल नर्सरियां चल रही हैं।
मंत्री ने बताया कि बहुत जल्द 500 नई खेल नर्सरियां अलॉट की जाएंगी।
प्राइवेट कोच जिन्होंने आवेदन किया है, उनके डॉक्यूमेंट्स और पैरामीटर की पूरी तरह जांच की जाएगी। केवल योग्य और मानकों को पूरा करने वाले कोच को ही नर्सरी दी जाएगी।
पंचकूला एक्सीलेंस सेंटर का मुद्दा उठा – खिलाड़ियों की डाइट पर सवाल
बैठक में पंचकूला के एक्सीलेंस सेंटर में खिलाड़ियों की डाइट को लेकर उठे सवालों पर भी चर्चा हुई।
मंत्री गौतम ने कहा—
“खिलाड़ियों को पूरी डाइट मिले, इस पर मैं खुद जांच करूंगा। अगर किसी ठेकेदार की पेमेंट अटकी है तो वह भी जल्द रिलीज करवाई जाएगी।”

यह बयान खिलाड़ियों और अभिभावकों के लिए राहत भरा संदेश माना जा रहा है।
नाबालिग खिलाड़ी के पिता ने की शिकायत – कोच पर गंभीर आरोप
मीटिंग के बाद एक नाबालिग महिला खिलाड़ी के पिता खेल मंत्री से मिले और कोच पर गंभीर आरोप लगाए। पिता ने बताया कि कोच ने उनकी बेटी और एक लड़के की फोटो बनाकर विभागीय लोगों और पुलिस को दिखाई है।
उन्होंने मांग की कि संबंधित कोच पर POCSO और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
मंत्री ने शिकायत सुनकर आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधाएं और सुधार प्राथमिकता में
इस बैठक से स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार अब खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधाओं, स्टेडियमों की हालत और बजट खर्च पर विशेष ध्यान दे रही है। लगातार होने वाली खिलाड़ियों की मौत और हादसों ने सरकार का ध्यान इस ओर खींचा है, जिसके बाद यह हाई लेवल निर्णय लिए गए।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 114 करोड़ के बजट से प्रदेश के स्टेडियमों की हालत किस हद तक सुधरती है और खिलाड़ियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए कौन-कौन से नए कदम उठाए जाते हैं।
