पंचकूला (हरियाणा):
हरियाणा के पंचकूला में झूठे दावे कर फ्लैट बेचने वाले बिल्डर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बिल्डर कंपनी के चार अधिकारियों को आरोपी बनाया है। खास बात यह है कि यह मामला उस वक्त दर्ज हुआ जब ग्रीवेंस कमेटी की बैठक होने वाली थी।
शिकायतकर्ताओं ने उठाया था मामला
ग्रीवेंस कमेटी मीटिंग के दौरान निशांत मित्तल, गीतांजलि गुप्ता, नवनीत सहरावत, पूनम सिंह, गौरव जैन, नेहा गोयल, अमित गोयल और सरिता गोयल ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदते समय कहा था कि फ्लैट पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन अब स्टिल्ट पार्किंग की फर्श धंस चुकी है, चौथी मंजिल की बालकनी से ग्रेनाइट गिर चुका है, बच्चों के वॉशरूम की छत टूटी हुई है और बेसमेंट में पानी भर रहा है।
मंत्री ने दिए थे एफआईआर के आदेश

शिकायत मिलने पर मंत्री ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब एक माह तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब जब ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग से एक दिन पहले है, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने माघीराम बंसल, बरूण बंसल, जानिश बंसल और कमलेश बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating) और जान से मारने की धमकी (Criminal Intimidation) की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
क्या था पूरा मामला
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिल्डर ने सुरक्षित निर्माण और प्रीमियम गुणवत्ता का झांसा देकर लाखों रुपये में फ्लैट बेचे, लेकिन कब्जे के बाद इमारत में कई खामियां सामने आईं।
दीवारों में दरारें, छतों से रिसाव, और बेसमेंट में पानी भरना जैसी शिकायतों ने फ्लैट मालिकों को परेशान कर दिया।
