हरियाणा के पंचकूला जिले में एक गंभीर बैंक लॉकर चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले की खास बात यह है कि लॉकर जिस बैंक में रखा गया था, उसी बैंक में पीड़िता कार्यरत हैं। घटना की सूचना पर सेक्टर-5 थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता का बयान
पीड़िता माया देवी पंजाब के जीरकपुर की मोतिया सोसाइटी में रहती हैं और मूल रूप से हिसार के दड़ौली गांव की रहने वाली हैं। वह फिलहाल पंचकूला सेक्टर-2 में स्थित हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक में नौकरी करती हैं। माया देवी ने बताया कि उन्होंने 21 मई 2025 को इस बैंक से लॉकर लिया था।
अपने लॉकर में उन्होंने लगभग 8 तौला सोने के जेवर रखे हुए थे। 1 अक्टूबर को जब उन्होंने लॉकर चेक किया, तो जेवर गायब मिले। माया देवी ने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
बैंक में सामने आई गड़बड़ी
माया देवी के बेटे विवेक ने बताया कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार नए कस्टमर को लॉकर देते समय हमेशा नया लॉक बदलना चाहिए। लेकिन पीड़िता को पुराना ही लॉक दिया गया।
इसके अलावा लॉकर एरिया में कम से कम 6 महीने की CCTV फुटेज का बैकअप होना अनिवार्य है। जांच में पाया गया कि इस बैंक में केवल 3 महीने की फुटेज उपलब्ध थी। इस कारण लॉकर से जेवर गायब होने की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ पा रही है।

पुलिस की जांच
सेक्टर-5 थाना के जांच अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि माया देवी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक से लॉकर से जुड़े सभी दस्तावेज़ और संबंधित जानकारी जुटा रही है। मामले का जल्द ही खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंक लॉकर में गहने रखने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए सभी बैंकिंग नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस मामले में संभावित संदिग्धों की पहचान और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या बैंक लॉकर सुरक्षा प्रणाली पर्याप्त है। आरबीआई की गाइडलाइन का पालन न होने और CCTV बैकअप की कमी ने इस चोरी को अंजाम देने के लिए अवसर प्रदान किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्राहकों को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें नया लॉक दिया गया है और लॉकर एरिया की निगरानी पर्याप्त और व्यवस्थित है। साथ ही बैंक में लॉकर से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित और अपडेटेड होने चाहिए।
पंचकूला में बैंक लॉकर चोरी का यह मामला न केवल पीड़िता के लिए गंभीर है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में बैंक सुरक्षा पर सवाल उठाता है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही बैंक और ग्राहक दोनों के हित में कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों को इस घटना से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है और बैंक प्रशासन से भी कहा गया है कि सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
