हरियाणा के कार्यवाहक DGP ओपी सिंह के गृह जिले जमुई में BJP की जीत, सुशांत राजपूत की बहन चुनाव हारीं
हरियाणा के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह के गृह जिले जमुई (बिहार) से BJP ने इस बार जीत दर्ज की है। वहीं उनकी साली और सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन दिव्या गौतम पटना की दीघा विधानसभा सीट से चुनाव हार गईं। दिव्या को महागठबंधन ने उम्मीदवार बनाया था।
दिव्या गौतम को भाजपा प्रत्याशी संजीव चौरसिया ने बड़े अंतर से हराया। वह दूसरे स्थान पर रहीं।
सुशांत सिंह राजपूत के दो रिश्तेदार चुनाव मैदान में
✔ 1. दिव्या गौतम – दीघा सीट (हार)
- दिव्या सुशांत की ममेरी बहन और छात्र राजनीति की सक्रिय चेहरा हैं।
- पटना वुमन्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया।
- UGC-NET पास कर PHD कर रही हैं।
- AISA की सक्रिय सदस्य रहीं।
- पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
2. नीरज कुमार सिंह बबलू – छातापुर सीट (जीत)
- BJP प्रत्याशी और सुशांत के चचेरे भाई।
- इस बार भी छातापुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की।
- पहले पर्यावरण एवं वन मंत्री भी रह चुके हैं।
- राजनीति की शुरुआत 2005 में जदयू से की, बाद में BJP में शामिल हुए।

कैसे हरियाणा के कार्यवाहक DGP बने ओपी सिंह?
हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड केस में DGP शत्रुजीत कपूर का नाम सामने आने के बाद उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया। इसके बाद 1992 बैच के IPS ओपी सिंह को कार्यवाहक DGP बनाया गया।
ओपी सिंह 31 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वाले हैं।
ओपी सिंह का बैकग्राउंड – तेजतर्रार अधिकारी और लेखक
- मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के नमून गांव के रहने वाले।
- हरियाणा में नशे के खिलाफ ‘राहगीरी अभियान’ की शुरुआत कर सुर्खियों में आए।
- सरकार ने इस अभियान को बाद में राज्यभर में अपनाया।
- तीन किताबों के लेखक और खेल प्रेमी।
- सुशांत सिंह राजपूत अपनी मां के निधन के बाद उनके घर पर रहकर पढ़ाई करते थे।
बिहार चुनाव में राजपूत वोट बैंक का असर
सियासी हलकों में यह चर्चा थी कि ओपी सिंह को कार्यकारी DGP बनाए जाने के पीछे बिहार चुनाव में राजपूत वोटबैंक भी एक वजह हो सकता है।
बिहार के करीब 30–35 विधानसभा सीटों पर राजपूत समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है।
