शहर के पटेल नगर में सीवर लाइन की खस्ताहाल स्थिति और गलियों में तीन महीने से जमा हो रहे गंदे पानी के खिलाफ गुरुवार को क्षेत्र के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने विभाग की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
तीन महीनों से गलियों में भरा गंदा सीवर पानी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले लगातार तीन महीनों से गलियों में सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर भरा हुआ है।
गर्म मौसम और बदबू के कारण न केवल रहने का माहौल दूषित हो गया है बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है।
प्रदूषित पानी से मच्छर, मक्खी और अन्य कीट-पतंगों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे डेंगू और अन्य बीमारियों का डर बना हुआ है।
लोगों ने कहा कि गंदगी के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और कई घरों के अंदर तक सीवर का पानी घुस चुका है।
शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं—लोगों का आरोप
पटेल नगर के निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायतें कीं,
लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की जरूरत नहीं समझी।
डयूटी पर तैनात कर्मचारी भी सिर्फ आश्वासन देकर लौट जाते हैं।
लोगों ने कहा कि कई बार शिकायतें लिखित में दी गईं, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा—
“हमने कई बार विभाग को बताया कि बच्चे गंदे पानी में गिर रहे हैं, बीमार हो रहे हैं, लेकिन किसी को परवाह नहीं है। अगर हमारी गलियों में कोई बड़ा हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?”
जनप्रतिनिधियों पर भी उदासीनता का आरोप
निवासियों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचाई,
लेकिन उन्हें सिर्फ राजनीतिक आश्वासन मिला,
कोई स्थायी समाधान नहीं।
लोगों का कहना है कि चुनाव के समय गली—नालियों की व्यवस्था दुरुस्त करने की बातें की जाती हैं,
लेकिन चुनावों के बाद वादे धरे के धरे रह जाते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी — ‘अब नहीं सुधरे तो आंदोलन तेज होगा’
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जन स्वास्थ्य विभाग ने जल्द से जल्द सीवर लाइन की सफाई,
जाम हटाने और टूटे हुए पाइप ठीक करने का काम शुरू नहीं किया,
तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

वे विभाग के सामने रोजाना प्रदर्शन करने,
सड़क जाम करने और प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव करने तक की चेतावनी दे चुके हैं।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा—
“हम किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं, सिर्फ अपनी समस्या के समाधान के लिए लड़ रहे हैं।”
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गायब—लोग नाराज
प्रदर्शन के समय विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था,
जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।
कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि समस्या जल्द हल की जाएगी,
लेकिन स्थानीय लोगों ने कहा कि वे अब सिर्फ काम देखकर ही शांत होंगे, आश्वासन से नहीं।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर खतरा
सीवर पानी के लंबे समय से जमा होने के कारण स्थिति स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद खतरनाक हो चुकी है।
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे वातावरण में बच्चों में त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियाँ और वायरल इन्फेक्शन तेजी से फैल सकते हैं।
क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है,
क्योंकि बदबू और गंदगी उनकी प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
लोगों की मांग—‘तुरंत टीम भेजकर समस्या दूर की जाए’
प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ एक था—
सीवर की समस्या को तुरंत दूर किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति फिर न बने।
लोगों ने मांग की है कि विभाग:
- सीवर की नई लाइन डाले
- जाम लाइन की तुरंत सफाई करे
- गलियों में जमा पानी की निकासी कराए
- खराब हो चुकी पाइपलाइन बदले
- नियमित निरीक्षण टीम नियुक्त करे
