हरियाणा सरकार द्वारा जारी सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के परिणाम एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। नारनौंद से विधायक जस्सी पेटवाड़ ने इस परीक्षा की प्रक्रिया और परिणामों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पेटवाड़ ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में है और सीईटी प्रणाली एक असफल प्रयोग बनकर रह गई है।
प्रश्नों का स्तर अलग—कैसे होगा न्याय?
विधायक जस्सी पेटवाड़ का कहना है कि स्वयं सरकार यह स्वीकार चुकी है कि सभी पारियों में पूछे गए प्रश्नों का स्तर एक समान नहीं था। ऐसे में सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) प्रक्रिया को लागू करना युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
उन्होंने कहा:
“जब परीक्षा की नींव ही असमान हो, तो सामान्यीकरण कैसे निष्पक्ष हो सकता है? यह मेहनती युवाओं पर सीधा प्रहार है।”
विधायक ने आरोप लगाया कि नॉर्मलाइजेशन के कारण कई अभ्यर्थियों के अंक अचानक बढ़ गए, जबकि कई ऐसे युवाओं के अंक काफी कम दिखाए गए जिन्होंने पूरी लगन से तैयारी की थी।
युवाओं की मेहनत पर कुठाराघात—पेटवाड़
पेटवाड़ ने कहा कि यह परीक्षा जिस उद्देश्य से शुरू की गई थी, वह पूरी तरह विफल होती दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं ने वर्षों तक मेहनत करके सीईटी दी, लेकिन प्रक्रिया की खामियों के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
उनके अनुसार, यह स्थिति सरकार की असफल नीतियों और अव्यवस्थित परीक्षा प्रणाली का नतीजा है, जिसका खामियाजा सीधे युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
तीन वर्ष की वैधता युवाओं के साथ धोखा

विधायक ने सीईटी की तीन वर्ष की वैधता को भी युवाओं के साथ बड़ा धोखा बताया। उनका कहना है कि यदि कोई युवा कठिन परिश्रम से सीईटी पास कर भी लेता है, लेकिन सरकार तीन वर्ष तक कोई भर्ती नहीं निकालती, तो उसकी पूरी मेहनत बेकार हो जाती है।
पेटवाड़ ने कहा:
“सरकार न भर्ती निकाल रही है, न पारदर्शिता रख रही है। सीईटी पास करने वाले अभ्यर्थी उम्र सीमा पार करते जा रहे हैं और नौकरियों से बाहर हो रहे हैं।”
उन्होंने इसे युवाओं की उम्मीदों और भविष्य पर सीधा हमला बताया।
सरकार नौकरियों का केवल दिखावा कर रही—विधायक
जस्सी पेटवाड़ ने आरोप लगाया कि सरकार केवल नौकरियों का दिखावा कर रही है।
उनका कहना है कि:
- भर्तियां पूरी नहीं होतीं
- रिज़ल्ट पर विवाद उठते हैं
- पारदर्शिता नहीं दिखती
- चयन प्रक्रिया में सुधार नहीं किए जा रहे
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को सिर्फ आश्वासन दे रही है, जबकि जमीन पर कोई ठोस नीति नहीं बन रही।
सरकार से सीईटी प्रक्रिया सुधारने की मांग
विधायक पेटवाड़ ने हरियाणा सरकार से कहा कि वह स्पष्ट करे कि सीईटी परीक्षा वास्तव में युवाओं के हित में है या केवल सरकारी तंत्र की सुविधा के लिए लागू की गई व्यवस्था है।
उन्होंने मांग की कि तुरंत:
- सीईटी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए
- नॉर्मलाइजेशन पर पुनर्विचार किया जाए
- भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता और सरकार को जिम्मेदारी के साथ फैसले लेने होंगे।
