रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) एक बार फिर राजनीतिक विवादों में घिर गया है। इनसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह पर कांग्रेस समर्थक होने का गंभीर आरोप लगाया है। देशवाल ने कहा कि कुलपति राजबीर सिंह ने पांच दिन की छुट्टी पर जाने से पहले विश्वविद्यालय का कार्यभार कांग्रेस समर्थक प्रोफेसर एस.सी. मलिक को सौंपा, जो विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ है। नियमों के अनुसार, चार्ज रजिस्ट्रार या किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को दिया जाना चाहिए था।

प्रदीप देशवाल ने आरोप लगाया कि कुलपति की कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। इनसो अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रो. एस.सी. मलिक ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बीबी बतरा का खुलकर समर्थन किया था और एमडीयू के कर्मचारियों के वोट कांग्रेस को डलवाए गए थे। यहां तक कि एमडीयू के फैकल्टी हाउस को चुनाव के दौरान कांग्रेस के चुनाव कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया।

देशवाल ने आगे आरोप लगाया कि एमडीयू के वीसी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हर संभव सहायता दी और उनके लिए विश्वविद्यालय संसाधनों का दुरुपयोग किया। उन्होंने दावा किया कि एमडीयू के वीसी द्वारा हुड्डा को 10 लाख रुपए चंदा देने की बात कैंपस में चर्चा का विषय रही है। इसके साथ ही, देशवाल ने यह भी कहा कि एमडीयू में माली की आत्महत्या, दलित महिला सफाई कर्मचारियों से अभद्रता और छात्रावास में शराब सेवन जैसे गंभीर मामलों पर भी भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने कभी कोई कार्रवाई की मांग नहीं की।
इनसो अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन में राजनीतिक प्रभाव को समाप्त करने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।
