महिलाओं ने कहा- हमारा अपमान हुआ, आरोपी सुपरवाइजर बोला मुझे फंसाया गया; जांच कमेटी और महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
हरियाणा की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) रोहतक में महिला सफाई कर्मियों के कपड़े उतरवाकर पीरियड्स चेक करने के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। एक पीड़ित महिला ने बताया कि जब उन्होंने सुपरवाइजर को देरी का कारण बताया तो वह पहले मान गया था, लेकिन उसी दौरान उसे किसी का फोन आया।
कॉल खत्म होते ही सुपरवाइजर ने कहा कि “अगर पीरियड्स की वजह से देर हुई है, तो सबूत देना होगा।” इसके बाद उसने एक अन्य महिला कर्मचारी को बुलाकर जांच करवाई और सैनिटरी पैड्स के फोटो भी खिंचवाए। इस बात की पुष्टि छात्र नेता दिनेश ने भी की।
सुपरवाइजर बोला- “मुझे फंसाया जा रहा है”
सस्पेंड किए गए एक सुपरवाइजर विनोद ने कहा कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वह दूर बैठा फोन पर बात कर रहा था और हंस पड़ा, जिसका गलत मतलब निकाल लिया गया। विनोद ने कहा कि “कर्मचारियों ने मेरा नाम जानबूझकर लिया है, मुझे फंसाया जा रहा है।”
जांच कमेटी कर रही है पूछताछ
मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक इंटरनल जांच कमेटी गठित की है, जिसकी अध्यक्षता केमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर सपना गर्ग कर रही हैं। गुरुवार को कमेटी ने दोनों पक्षों को बुलाया है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
केस दर्ज, महिला आयोग भी हुआ सक्रिय

पीजीआई थाना पुलिस ने सुपरवाइजर विनोद, वितेंदर और सुंदर लाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। SHO रोशनलाल ने बताया कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए वीसी और एसपी से 5 दिन में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि “महिला सफाई कर्मचारियों से कपड़े उतरवाना बेहद गंभीर मामला है, इसे गंभीरता से लिया जाए।”
पीड़ित महिलाओं ने कहा – “हमारा अपमान हुआ”
महिलाओं ने हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन कृष्ण कुमार को बताया कि “मासिक धर्म की वजह से देर हुई थी, लेकिन हमें सबूत देने को मजबूर किया गया। यह हमारे सम्मान के खिलाफ है।”
तीन पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला:
- 26 अक्टूबर को राज्यपाल के दौरे के दौरान महिला कर्मियों के देरी से पहुंचने पर सुपरवाइजर ने उनसे देरी का कारण पूछा।
- महिलाओं ने पीरियड्स की समस्या बताई, लेकिन सुपरवाइजर ने सबूत मांगा और एक महिला कर्मचारी से जांच करवाकर सैनिटरी पैड्स चेक करवाए।
- विवाद बढ़ने पर छात्रों ने हंगामा किया, सुपरवाइजरों को सस्पेंड किया गया और जांच कमेटी गठित की गई।
