एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों से अभद्रता का मामला: हरासमेंट कमेटी ने दर्ज किए बयान, रिपोर्ट जल्द होगी तैयार
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में सेक्सुअल हैरेसमेंट कमेटी ने पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए हैं। कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर एमडीयू प्रशासन को सौंपेगी। वहीं, छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर महिला आयोग को गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट किया है।
मामला उस समय सामने आया जब एमडीयू की महिला सफाई कर्मचारियों ने बताया कि काम के दौरान मासिक धर्म की समस्या होने पर उन्हें परेशानी हो रही थी। सुपरवाइजर ने इस पर अभद्रता करते हुए “सबूत दिखाने” जैसी अमानवीय टिप्पणी की थी। कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और अन्य साथियों को बुला लिया, जिसके बाद दो सुपरवाइजरों को सस्पेंड किया गया था।
छात्र नेता दिनेश कांगड़ा ने कहा कि एमडीयू प्रशासन ने महिला आयोग को तथ्यहीन रिपोर्ट भेजी, ताकि मामले को दबाया जा सके। उन्होंने कहा कि एमडीयू कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरे जांच के लिए पर्याप्त सबूत दे सकते हैं, लेकिन प्रशासन फुटेज देखने से बच रहा है।

डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया ने भी एमडीयू प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि महिला आयोग को भेजी गई रिपोर्ट वीसी प्रो. राजबीर सिंह की जानकारी में नहीं भेजी गई, तो उन्हें श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। अन्यथा यह माना जाएगा कि रिपोर्ट उनकी सहमति से भेजी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वीसी इस मामले में पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां घटना हुई, वहां कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया।
एमडीयू सेक्सुअल हैरेसमेंट कमेटी की चेयरपर्सन प्रो. सपना गर्ग ने कहा कि पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जल्द ही पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी।
