रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) एक बार फिर विवादों और चर्चाओं में है। कुछ दिन पहले महिला कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया था, और अब एक नई घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एडम ब्लॉक में रजिस्ट्रेशन एंड स्कॉलर ब्रांच में कार्यरत एक महिला कर्मचारी द्वारा छात्रों का काम न करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद छात्रों और संगठनों में आक्रोश है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक मामले को अपने संज्ञान में न होने की बात कही है।
फॉर्म देने से इनकार, सिक्योरिटी बुलाने चली गई कर्मचारी
वीडियो में दिख रहा है कि एमडीयू के एडम ब्लॉक में कुछ छात्र रजिस्ट्रेशन और स्कॉलरशिप संबंधी कार्य करवाने के लिए क्लर्क वीना सिंह के पास पहुंचे थे। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने फॉर्म देने से साफ इनकार कर दिया। जब छात्रों ने बार-बार अनुरोध किया, तो वीना सिंह अपनी सीट छोड़कर सिक्योरिटी बुलाने चली गईं।
छात्रों का कहना है कि कर्मचारी उनके काम की जगह उन्हें चक्कर कटवा रही हैं और तीन दिनों से लगातार कोई काम नहीं हो रहा था। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में कई कर्मचारियों का व्यवहार लगातार खराब रहता है और समय पर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता।
वीडियो में दिखा छात्रों का गुस्सा
जब छात्रों ने वीना सिंह के काम न करने का वीडियो बनाना शुरू किया, तो महिला कर्मचारी कैमरा देखकर नाराज हो गईं। उन्होंने तुरंत सिक्योरिटी को बुलाने की कोशिश की और उस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत भी बंद कर दी। छात्र वीडियो में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहते दिखे कि जब फॉर्म उनके पास है, तो काम भी वही करेंगी, कोई दूसरा नहीं।
एक छात्र वीडियो में कहता नजर आया—“तीन दिन से यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा। आखिर हम किसके पास जाएं?”
छात्र संगठनों ने जताया विरोध
वीडियो वायरल होते ही छात्र संगठनों ने भी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट अल्टरनेटिव पॉलीटिक्स के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ ने कहा कि एमडीयू स्टाफ का यह रवैया बिल्कुल गलत है। छात्रों को काम करवाने के लिए कई-कई दिन घूमना पड़ता है, जो प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है।

उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत इस मामले की जांच करवाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने दिया जवाब
नॉन टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा ने कहा कि वीडियो को देखकर लगता है कि आपसी गलतफहमी की स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका कहना है कि छात्रों को पहले अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिला कर्मचारी की गलती पाई जाती है तो संगठन उसके खिलाफ भी कार्रवाई का समर्थन करेगा।
रजिस्ट्रार बोले—अभी मामला संज्ञान में नहीं
एमडीयू के रजिस्ट्रार कृष्ण कांत ने कहा कि उनके संज्ञान में अभी ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने कहा—“किसी छात्र की स्कॉलरशिप पेंडिंग होने का मामला भी मेरे पास नहीं आया। अगर कोई शिकायत आती है, तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
मामला बढ़ सकता है बड़ा विवाद
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी लगातार छात्र-शिकायतों और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर चर्चाओं में रहती है। यह वीडियो न सिर्फ विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि छात्रों की बढ़ती परेशानियों को भी उजागर करता है। यदि मामले की जल्द जांच नहीं हुई, तो यह विवाद और ज्यादा बड़ा रूप ले सकता है।
