महम नगर पालिका ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए स्ट्रीट डॉग्स से संबंधित नई गाइडलाइन लागू कर दी है। इसके तहत जल्द ही महम शहर में एक स्ट्रीट डॉग शेल्टर हाउस बनाया जाएगा, जहां खतरनाक और आक्रामक स्वभाव वाले कुत्तों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा। इस शेल्टर में उनकी नसबंदी की जाएगी और रेबीज के टीके लगाए जाएंगे। आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद इन कुत्तों को वापस शहर में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका महम के म्यूनिसिपल इंजीनियर अशोक हुड्डा ने बताया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 22 अगस्त को जारी किए गए निर्णय के अनुपालन में उठाया गया है। उद्देश्य है—सार्वजनिक सुरक्षा, स्वच्छता और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाना।

निर्धारित स्थानों पर ही खिला पाएंगे भोजन नई गाइडलाइन के अनुसार अब नागरिक स्ट्रीट डॉग्स को हर जगह खाना नहीं खिला पाएंगे। नगर पालिका ने शहर में कुछ निर्धारित स्थानों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोग केवल इन्हीं स्थानों पर कुत्तों को भोजन दे सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति गलियों, पार्कों या चौराहों के पास तय क्षेत्र से बाहर कुत्तों को खाना खिलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पार्कों में कुत्ते घुमाने पर भी नियंत्रण अशोक हुड्डा ने बताया कि पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्ते घुमाने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कुत्ते को नियंत्रण में नहीं रखता या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करता है, तो नगर पालिका उस पर कानूनी कार्यवाही कर सकेगी।
रेबीज नियंत्रण और नसबंदी अभियान महम नगर पालिका जल्द ही रेबीज रोकथाम अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत सभी स्ट्रीट डॉग्स को टीके लगाए जाएंगे ताकि किसी को काटने की स्थिति में संक्रमण का खतरा न रहे। साथ ही, कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया जाएगा।
पालतू कुत्तों के मालिकों को चेतावनी अशोक हुड्डा ने कहा कि पालतू कुत्तों को खुले में छोड़ना अपराध है। यदि कोई पालतू कुत्ता किसी व्यक्ति को काटता है, तो उसके मालिक को भी सजा का प्रावधान है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि अपने कुत्तों को नियंत्रण में रखें और नगर पालिका के नियमों का पालन करें।
