देशभर के लोको पायलट 48 घंटे की भूख हड़ताल पर, हिसार स्टेशन पर भी प्रदर्शन— 8 घंटे ड्यूटी और सही विश्राम की मांग तेज
भारतीय रेलवे में काम कर रहे लाखों लोको पायलट अपनी लंबित मांगों को लेकर फिर संघर्ष के रास्ते पर हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) की अगुवाई में देशभर में 48 घंटे की भूख हड़ताल की शुरुआत 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से हुई, जो 4 दिसंबर तक जारी रहेगी।
इस हड़ताल के दौरान लोको पायलट बिना भोजन किए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कई जगहों पर स्टेशन परिसरों में धरना चल रहा है, वहीं ड्यूटी पर तैनात लोको पायलट उपवास में रहते हुए भी ट्रेन संचालन कर रहे हैं।
हिसार स्टेशन परिसर में भी लोको पायलटों ने धरना शुरू कर दिया है और अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।
लोको पायलट बोले — “हम पर 12–14 घंटे काम का दबाव, दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा”
AILRSA के सदस्यों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन द्वारा निर्धारित विश्राम और कार्य घंटे के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। नियमों के अनुसार लोको पायलट को:
- 16 घंटे का अनिवार्य दैनिक विश्राम
- 30 घंटे का साप्ताहिक विश्राम
- 8 घंटे अधिकतम ड्यूटी सीमा
मिलना चाहिए, लेकिन वास्तविकता में उनसे लगातार 12 से 14 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है।
लोको पायलट आशीष ने कहा कि अत्यधिक थकान के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा—
“यह कदम मजबूरी है। हमारी लड़ाई न केवल हमारे अधिकारों के लिए है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी है।”
मुख्य मांगें — ड्यूटी समय, विश्राम, भर्ती और व्यवस्था में सुधार

लोको पायलटों की प्रमुख मांगें:
✔ 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी न कराई जाए
✔ 46 घंटे का साप्ताहिक विश्राम लागू किया जाए
✔ लगातार दो से अधिक नाइट ड्यूटी न दी जाए
✔ रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती
✔ आराम व रोस्टर प्रणाली का पालन
संगठन का कहना है कि रेलवे के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण रनिंग कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ता जा रहा है।
आर्थिक और टैक्स संबंधी मांगें भी शामिल
हड़ताल में केवल ड्यूटी समय ही नहीं, बल्कि आर्थिक मुद्दे भी जोड़े गए हैं। लोको पायलट मांग कर रहे हैं:
- किलोमीटर भत्ता (KMA) में 25% बढ़ोतरी,
क्योंकि महंगाई भत्ता 50% की सीमा पार कर चुका है। - रनिंग अलाउंस पर 70% तक टैक्स छूट,
ताकि फील्ड स्टाफ की वास्तविक आय बनी रहे।
संघ का कहना है कि अन्य रेलवे कर्मचारियों के ट्रैवल अलाउंस में 25% की वृद्धि हो चुकी है, लेकिन रनिंग स्टाफ को इससे वंचित रखा गया है।
एक लाख से अधिक लोको पायलट आंदोलन में शामिल
AILRSA के अनुसार देशभर में एक लाख से अधिक लोको पायलट क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल हैं।
कुछ स्टेशन परिसरों में शांतिपूर्ण धरना चल रहा है, जबकि कई लोको पायलट ट्रेन चलाते हुए भी भूख हड़ताल पर हैं।
यूनियन ने चेतावनी दी है—
“अगर तय समय सीमा में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अगला चरण लंबी हड़ताल और सख्त आंदोलन का होगा।”
