हरियाणा के हिसार जिले के मॉडल टाउन के रहने वाले 45 वर्षीय कुणाल मेहता ने अमेरिका में बड़ी ठगी का खुलासा किया है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने कुणाल और उसके गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया। कोर्ट में अपने जुर्म को स्वीकार करने के बाद कुणाल को दोषी ठहराया गया।
शुरुआती जांच में सामने आया कि कुणाल के पिता दीपक मेहता 2000 से पहले हिसार में रहते थे और बीमा एजेंट का काम करते थे। कुणाल की स्कूलिंग भी हिसार से हुई थी। मॉडल टाउन में उनका मकान था, जिसे बाद में बेचकर पूरा परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया और बाद में अमेरिका चला गया।
कुणाल अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करता था। उसके पास महंगी गाड़ियां, विला और प्राइवेट जेट भी थे। FBI ने उसकी अरबों रुपए की संपत्ति और 28 महंगी कारें जब्त की हैं, जिनमें सात लैम्बॉर्गिनी, तीन फेरारी, एक रोल्स-रॉयस और एक मैक्लेरेन शामिल हैं।
कुणाल ने अमेरिकियों को कैसे ठगा – 3 मुख्य बिंदु
1. क्रिप्टो करेंसी के बदले कैश और कमीशन
कुणाल मेहता ने चुराई गई 2.5 करोड़ डॉलर से अधिक क्रिप्टोकरेंसी को वैध दिखाने का जुर्म स्वीकार किया। उसने अमेरिकी जिला न्यायालय की न्यायाधीश के समक्ष षड्यंत्र में शामिल होने की बात स्वीकारी। गिरोह ने अक्टूबर 2023 से मार्च 2025 के बीच सोशल इंजीनियरिंग के जरिए पीड़ितों के खातों में सेंध लगाई। उन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर क्रिप्टोकरेंसी को नकदी में बदलने और धन हस्तांतरित करने के लिए 10% कमीशन लिया।
2. ऑनलाइन और नकली फोन नंबरों के जरिए ठगी

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, गिरोह ने ऑनलाइन और नकली फोन नंबर के माध्यम से पूरे अमेरिका में पीड़ितों से क्रिप्टोकरेंसी चुराई। चोरी की गई राशि का इस्तेमाल नाइटक्लब सेवाएं, महंगी घड़ियां, लग्जरी कपड़े, निजी जेट और सुरक्षा गार्ड रखने में किया गया। इसके अलावा लॉस एंजिल्स, हैम्पटन और मियामी में किराये के घर लिए और 28 विदेशी कारों का बेड़ा खरीदा।
3. कोर्ट में दो केसों का हवाला
कुणाल पर दो मुख्य केस दर्ज हैं। पहले केस में 18 अगस्त 2024 को उसके सहयोगी ने कोलंबिया में एक युवक से 4,100 बिटकॉइन धोखाधड़ी से हासिल किए। इसका मूल्य उस समय 263 मिलियन डॉलर था, जो वर्तमान में 384.5 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूसरे केस में 2024 की शुरुआत में एक मनी एक्सचेंजर के जरिए क्रिप्टो को नकद में बदलने का जुर्म शामिल है, जिसमें कुणाल ने 10% शुल्क लिया।
FBI की कार्रवाई और भविष्य की संभावनाएँ
FBI ने कोर्ट में बताया कि गिरोह ने चोरी की गई राशि का उपयोग भोग विलासिता और महंगी संपत्ति खरीदने में किया। कुल 14 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें साइबर क्राइम, मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और न्याय में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं।
हालांकि, कुणाल मेहता को अमेरिका कोर्ट ने अभी सजा की घोषणा नहीं की है। हरियाणा की गुप्तचर एजेंसियां भी उसके और परिवार के संबंधों की जांच में जुटी हैं।
यह मामला अमेरिका और भारत दोनों देशों में क्रिप्टो फ्रॉड और साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करता है। कुणाल मेहता का गिरोह इस बात का उदाहरण है कि कैसे तकनीक और सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके अरबों डॉलर की ठगी की जा सकती है।
