हिसार में भजन गायक कन्हैया मित्तल का बयान बना विवाद का कारण
हरियाणा के हिसार में भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। अग्रोहा धाम में आयोजित वार्षिक शरद पूर्णिमा मेले में उन्होंने मंच से ऋषि-मुनियों और नवरात्रि को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसने लोगों में नाराज़गी फैला दी।
इस वार्षिक मेले में अभिनेता गजेंद्र चौहान और विधायक सावित्री जिंदल भी मंच पर मौजूद थे। अब कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
मंच से कहा — ‘नवरात्रि में दुर्गा-दुर्गा, बाद में मुर्गा-मुर्गा’
कन्हैया मित्तल ने अपने भजन कार्यक्रम के दौरान कहा,
“दुनिया नवरात्र के 9 दिन ‘दुर्गा-दुर्गा’ करती है और जैसे ही नवरात्र खत्म होता है तो ‘मुर्गा-मुर्गा’ शुरू हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि अग्रवंशियों का नियम है कि न तो नवरात्र में और न ही उसके बाद मांसाहार किया जाता है। सभी सात्विक भोजन करते हैं और भगवान को भी वही अर्पित करते हैं।
अग्रोहा धाम का महत्व
अग्रोहा विकास ट्रस्ट हर साल अग्रोहा धाम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर एक दिवसीय वार्षिक मेले का आयोजन करता है। यहां मां लक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन का भव्य शक्तिपीठ स्थित है। समाज के सहयोग से लगभग ₹30 करोड़ की लागत से धाम में ऑडिटोरियम और म्यूजियम भी बन रहा है।
स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने की बयान की निंदा
स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कन्हैया मित्तल के बयानों को अनुचित बताते हुए कहा कि भजन गायक को अपनी भाषा और शब्दों पर संयम रखना चाहिए।
पहले भी विवाद में घिरे थे कन्हैया
करीब 15 दिन पहले कैथल में उनके फेसबुक पेज पर महाराजा सूरजमल को गलती से ‘सूरज खान’ लिख दिया गया था। इसके बाद जाट समाज ने विरोध किया, पोस्टरों पर कालिख पोती और कार्यक्रम स्थल पर ताला जड़ दिया गया। कन्हैया ने बाद में एक वीडियो जारी कर गलती के लिए माफी मांगी थी।

