कैथल जिले के गांव ककहेड़ी में हुए चर्चित हत्या मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने दोषी गौरव उर्फ गौरी निवासी ककहेड़ी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 25 हजार रुपये जुर्माना देने की सजा सुनाई।
यह मामला वर्ष 2021 का था, जब ग्रामीण इलाके में हुई यह हत्या पुलिस के लिए एक ब्लाइंड मर्डर बन गई थी।
खेत में कमरे के अंदर मिला था शव
डीएसपी बीरभान ने बताया कि 8 अप्रैल 2021 को गांव ककहेड़ी क्षेत्र में स्थित एक खेत में बने कमरे के अंदर एक युवक का शव पाया गया था। मृतक की पहचान गांव के ही रहने वाले मनीष के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी गहन जांच शुरू की।
शुरुआती तौर पर कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला, लेकिन तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने धीरे-धीरे मर्डर की गुत्थी सुलझाई और आरोपी को गिरफ्तार किया।
छेड़छाड़ की घटना बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि हत्या की वजह एक महिला से छेड़छाड़ की घटना थी।
मृतक मनीष ने आरोपी गौरव को मनीष के परिवार की एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते हुए पकड़ लिया था।

गुस्से में मनीष ने गौरव को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वह दोबारा गांव में दिखाई दिया, तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा।
यह बात गौरव के मन में बैठ गई और वह डर के कारण गांव छोड़कर अपनी रिश्तेदारी में रहने लगा।
डर और बदनामी के भय में उसने मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सिर और चेहरे पर बेरहमी से वार कर दी हत्या
जांच में यह भी सामने आया कि 7 अप्रैल 2021 को गौरव ने जानकारी जुटाई कि मनीष अपनी कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई के लिए गांव के ही एक खेत में मौजूद रहेगा।
गौरव रास्ते में एक ट्यूबवेल के पास पड़ा लकड़ी का भारी लट्ठा लेकर उस कमरे में जा पहुंचा, जहां मनीष आराम कर रहा था।
कमरे में दाखिल होते ही आरोपी ने
- मनीष के सिर,
- चेहरे और
- गले पर कई ताबड़तोड़ वार किए।
मनीष मौके पर ही ढेर हो गया। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया।
पुलिस ने जुटाए ठोस सबूत, कोर्ट ने सुनाई सजा
ब्लाइंड मर्डर होने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच, मौके की परिस्थितियों और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए।
अभियोग पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। लोक अभियोजन पक्ष के वकील बलिंद्र ने अदालत में जोरदार पैरवी की।
सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी गौरव को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
