कैथल जिले के कई युवाओं के सपने तब चकनाचूर हो गए जब वे अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस लौटे। ये वे युवा हैं जिन्होंने बेहतर जिंदगी की उम्मीद में अपने खेत, घर और जमीन तक बेच दी थी। पर विदेश में पहुंचने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान, एजेंटों की धोखाधड़ी और डोंकरों की यातनाओं का सामना करना पड़ा।
अमेरिका में कमाई का सपना टूटा, जमीन भी गंवाई
कई युवाओं ने लाखों रुपए खर्च कर अमेरिका पहुंचने का जोखिम उठाया था। लेकिन वहां कमाई करने के बजाय जो कुछ था, वह भी गंवा बैठे। अब उनके परिवार कर्ज में डूब गए हैं और उन्हें यह नहीं पता कि आर्थिक स्थिति कैसे सुधरेगी।
नरेश ने 57.5 लाख रुपए देकर छोड़ी थी जमीन
गांव तारागढ़ के नरेश कुमार ने बताया कि उसने जनवरी 2024 में ब्राजील के रास्ते अमेरिका जाने के लिए एजेंटों को 57 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके लिए उसने डेढ़ एकड़ जमीन तक बेच दी थी। नरेश ने बताया कि एजेंटों ने लगातार पैसे की मांग की और जब उसके पास पैसे नहीं बचे तो उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दिया।

नरेश ने कहा कि “एजेंटों ने बुरा सलूक किया, दो महीने छह दिन की यात्रा में कई बार प्रताड़ित किया गया। फिर अमेरिका में 14 महीने की जेल काटने के बाद बेड़ियों में बांधकर हमें वापस भेजा गया।”
भाई को भेजने के लिए बेची दो एकड़ जमीन
गांव फरल के बलजीत ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ जमीन बेचकर अपने भाई सतनाम को विदेश भेजा था। एजेंट ने 50 लाख रुपए लिए और उसे इटली के रास्ते अमेरिका भेजा, लेकिन अब वह भी डिपोर्ट होकर वापस आ गया है। बलजीत ने कहा — “हमने सब कुछ खो दिया, जमीन भी गई और पैसे भी।”
डीएसपी बोले — जांच में जिनका रिकॉर्ड नहीं, उन्हें परिवार को सौंपा
डीएसपी ललित यादव ने बताया कि अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवकों को दिल्ली से कैथल लाया गया। जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला, उन्हें उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया है। जबकि जिनका रिकॉर्ड संदिग्ध पाया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
