कैथल जिले के नागरिक अस्पताल में लंबे समय से पेंडिंग पड़े ऑपरेशनों को अब एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों को आदेश जारी कर दिया है कि वे अगले सात दिनों तक दो शिफ्टों में लगातार काम करें। विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज का ऑपरेशन लंबित न रहे और उन्हें जल्द से जल्द उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
जिले में करीब 60 मरीज ऐसे हैं जिनके ऑपरेशन पिछले कई दिनों से पेंडिंग हैं। इनमें आंख, हड्डी, बच्चेदानी, अपेंडिक्स, कान सहित कई बीमारियों से संबंधित मरीज शामिल हैं। खास बात यह है कि हर सप्ताह लगभग 20 मरीज आंख और हड्डी से संबंधित ऑपरेशन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन ऑपरेशन के लिए तय दिनों के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ता था।
क्यों बढ़े ऑपरेशन पेंडिंग?
सूत्रों के अनुसार, कैथल जिले में कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत होने वाले ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में मरीज सरकारी अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही, विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन विशिष्ट दिनों पर होने के कारण कई मरीजों की तारीख आगे खिसकती जा रही थी।
डॉक्टरों को आंख, हड्डी, स्त्री रोग, सामान्य शल्यक्रिया और ईएनटी जैसी अलग-अलग बीमारियों के ऑपरेशन के लिए समय देना होता है। इसके चलते हर मरीज को एक सप्ताह के बाद की तारीख दी जाती थी। लेकिन अब बढ़ते मरीजों के दबाव और पेंडिंग मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
डॉक्टर करेंगे रोजाना दो शिफ्ट में काम
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार:
- डॉक्टर छह-छह घंटे की दो शिफ्टों में प्रतिदिन ऑपरेशन करेंगे।
- यह व्यवस्था एक सप्ताह तक लगातार चलेगी।
- डॉक्टरों को केवल इमरजेंसी स्थिति में ही अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति होगी।
- सभी मेडिकल टीमों को 22 नवंबर तक विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।

इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को बार-बार तारीख न बदलनी पड़े और उन्हें समय पर ऑपरेशन करवाने की सुविधा मिल सके।
PMO डॉ. दिनेश कंसल ने दी जानकारी
नागरिक अस्पताल कैथल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (PMO) डॉ. दिनेश कंसल ने बताया:
“अस्पताल में पेंडिंग ऑपरेशनों की संख्या बढ़ गई थी। इसलिए विभाग ने फैसला किया है कि इस सप्ताह विशेष मुहिम चलाकर सभी पेंडिंग ऑपरेशन पूरे किए जाएं। डॉक्टरों से बातचीत कर ली गई है और सभी टीमें दो शिफ्टों में काम करेंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम बेहद आवश्यक था। इससे न केवल ऑपरेशनों का बैकलॉग खत्म होगा बल्कि आगे आने वाले मरीजों का भी समय पर उपचार हो सकेगा।
मरीजों और परिजनों ने फैसले का स्वागत किया
अस्पताल के इस फैसले से मरीजों और उनके परिजनों में राहत की भावना है। जिन मरीजों के ऑपरेशन लंबे समय से लटक रहे थे, अब उन्हें उम्मीद है कि वे जल्द ही राहत महसूस कर सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के इस कदम को जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। जल्द ही पेंडिंग ऑपरेशनों का दबाव खत्म होने से अस्पताल की नियमित सर्जिकल गतिविधियां भी सुचारू रूप से चल सकेंगी।
