हरियाणा के कैथल जिले के मटौर गांव में स्वतंत्रता दिवस के चार महीने बाद एक शर्मनाक स्थिति सामने आई, जब गांव के मुख्य खेल मैदान में लगे 125 फुट ऊंचे फ्लैग पोस्ट पर कटा-फटा राष्ट्रीय ध्वज लहराता दिखाई दिया। किसी ग्रामीण द्वारा बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडियो में तिरंगे की तीनों रंग पट्टियों के फटे हुए हिस्से साफ दिखाई दे रहे थे और अशोक चक्र भी धुंधला पड़ चुका था।
सोशल मीडिया पर विवाद, पंचायत पर सवाल
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। कई यूज़र्स ने स्थानीय पंचायत और गांव के सरपंच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने पूछा कि इतने बड़े फ्लैग पोस्ट पर लगा ध्वज महीनों तक फटा रहा और किसी ने इसकी सुध क्यों नहीं ली।
कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर “राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971” के तहत कार्रवाई की मांग भी की, यह कहते हुए कि फटे तिरंगे को लहराना कानूनन गलत है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
सरपंच की सफाई—“किसी प्रकार का अनादर नहीं, यह तकनीकी खामी थी”
लगातार बढ़ते विवाद के बीच मटौर गांव के सरपंच रमेश कुमार मटौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि तिरंगे के प्रति गांव के लोगों और पंचायत में अत्यधिक सम्मान है और किसी भी तरह की जानबूझकर की गई लापरवाही की बात गलत है।

सरपंच ने कहा—
“तिरंगा हमारे दिल में बसता है। यह गांव देशभक्ति के लिए जाना जाता है। यह घटना पूरी तरह तकनीकी खामी और खराब मौसम के कारण हुई है। किसी प्रकार का अनादर नहीं हुआ।”
उन्होंने यह भी कहा कि फ्लैग पोस्ट पर लगा झंडा ऊंचाई पर होने के कारण हवा और बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया होगा। सरपंच ने देशवासियों से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए आश्वासन दिया कि आगे से हर 15 दिन में झंडे की स्थिति की जांच की जाएगी, ताकि ऐसी चूक दोबारा न हो।
जिला प्रशासन भी केस की जांच में जुटा
वायरल वीडियो के चलते मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला जानबूझकर किए गए किसी अपमान या लापरवाही का नहीं लगता।
अधिकारी ने कहा—
“प्रथम दृष्टया यह तकनीकी खराबी और मौसम के असर का मामला प्रतीत होता है। अभी तक कोई जानबूझकर की गई गलती सामने नहीं आई है। जांच जारी है।”
गांव में चर्चा का माहौल, फ्लैग पोस्ट पर बढ़ी निगरानी
इस घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल है। कई ग्रामीणों ने कहा कि तिरंगा चाहे किसी भी ऊंचाई पर लगा हो, उसकी समय-समय पर जांच जरूरी है। वहीं, पंचायत ने फ्लैग पोस्ट के आसपास सफाई, रोपिंग और झंडे बदलने की प्रक्रिया को मजबूत करने का फैसला लिया है।
गांव के कुछ बुजुर्गों ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज सम्मान का प्रतीक है और इसका फटा हुआ लहराना किसी को भी अच्छा नहीं लगता। ग्रामीणों की मांग है कि फ्लैग पोस्ट की मॉनिटरिंग के लिए एक स्थायी टीम बनाई जाए।
फिलहाल प्रशासन अलर्ट
जिला प्रशासन और पंचायत दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा हर हाल में बनी रहे।
