जींद जिले के जुलाना में एसडीएम होशियार सिंह ने अपने कार्यालय में पराली प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में क्षेत्र के सभी ग्राम सचिव और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाना और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना था।
पराली जलाने से स्वास्थ्य पर असर
बैठक में एसडीएम होशियार सिंह ने कहा कि पराली जलाने से सामान्य जनता, बुजुर्ग और बच्चे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर निगरानी करें और पराली जलाने की किसी भी घटना को तुरंत दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।
किसानों को ऑप्शनल उपायों के प्रति जागरूक करें
एसडीएम ने किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। इनमें शामिल हैं:
- हैप्पी सीडर
- सुपर सीडर
- रोटावेटर
- शैडो मैनेजमेंट तकनीक
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को इन मशीनों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी दें। इसका उद्देश्य किसानों को पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से फसल अवशेष निपटान के उपाय बताना है।

कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसडीएम होशियार सिंह ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों को बेहतर तालमेल और सक्रियता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा, उन्होंने ग्राम सचिवों को अपने-अपने गांवों में सरपंच, नंबरदार और अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य सामूहिक जागरूकता अभियान चलाकर पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह रोकना है।
ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान
एसडीएम ने बैठक में यह भी जोर दिया कि ग्राम स्तर पर किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और फसल अवशेष निपटान तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संपर्क अभियान चलाकर पराली जलाने की घटनाओं को रोकें।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता
इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं था। एसडीएम ने पर्यावरण सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि सभी विभागों का सहयोग और किसानों की भागीदारी ही इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित कर सकती है।
इस बैठक के बाद जुलाना क्षेत्र में पराली जलाने पर नियंत्रण और जागरूकता अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों और ग्राम प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निरीक्षण और किसानों के साथ संवाद के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाएं।
