जींद जिले के जुलाना स्थित अनाज मंडी में शुक्रवार को धान के भावों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। धान की प्रमुख किस्म 1121 और 1718 के दामों में 100 से 250 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल देखने को मिला है। इस बढ़ोतरी से किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, जो पिछले कई दिनों से कम रेट की वजह से निराश थे।
भावों में बढ़ोतरी से किसानों को राहत
मंडी में पिछले कुछ दिनों से धान के भाव धीरे-धीरे सुधर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को रेट में बड़ा उछाल देखने को मिला।
- 1121 धान, जो पहले 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, आज बढ़कर 4100 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।
- वहीं 1718 (कंबाइन कटाई) किस्म का दाम 3500 रुपये से उछलकर 3750 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
यह बढ़ोतरी किसानों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि धान की कटाई और परिवहन की लागत बढ़ने के बाद उन्हें बेहतर भाव की उम्मीद थी।
मंडी में भारी आवक—पिछले वर्ष से 16% अधिक
जुलाना मंडी में शुक्रवार को 45,816 क्विंटल धान की दैनिक आवक दर्ज की गई।
कुल प्रोग्रेसिव आवक 12,07,910 क्विंटल हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक है।
2024 की तुलना में यह आवक करीब 16% अधिक है, जो इस बार के बेहतर उत्पादन और मौसम के अनुकूल होने का संकेत है।

किस्मवार आवक में उछाल – 1121 की रिकॉर्ड एंट्री
सबसे लोकप्रिय किस्म 1121 की प्रोग्रेसिव आवक 10,74,000 क्विंटल दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल यह 9,35,390 क्विंटल थी।
इस प्रकार 1121 धान की एंट्री में लगभग 15% की वृद्धि देखी गई है।
इसके अलावा, 1509 और अन्य धान किस्मों की एंट्री भी लगातार बढ़ रही है, जिससे मंडी में रौनक बनी हुई है।
किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं—प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
मार्केट कमेटी जुलाना की सचिव कोमिला ने बताया कि मंडी में किसानों के लिए संपूर्ण व्यवस्थाएं पुख्ता की गई हैं।
उन्होंने कहा—
- मंडी में बिजली की निरंतर व्यवस्था
- पीने के पानी, छाया और सफाई का पूरा इंतजाम
- किसानों को फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद
इन व्यवस्थाओं से किसानों को राहत मिली है, और मंडी में उनका अनुभव बेहतर हो रहा है।
भाव बढ़ने से किसानों में उत्साह—”मेहनत का मिल रहा सही मूल्य”
धान के बढ़े हुए दामों से किसानों में खुशी और विश्वास का माहौल है।
किसानों ने कहा कि—
“लंबे समय से भाव कम चल रहे थे, लेकिन अब रेट सुधरने से मेहनत का सही मूल्य मिल रहा है। इससे अगली फसल की तैयारी भी आसान होगी।”
कई किसान यह भी मानते हैं कि बाजार में स्थिरता आने से आने वाले दिनों में भाव और बढ़ सकते हैं, क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है।
