हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (JJP) अपने स्थापना दिवस (7 दिसंबर) पर प्रदेश की राजनीति में बड़ा धमाका करने की तैयारी कर रही है। जजपा इस बार जुलाना में विशाल रैली आयोजित करेगी, जिसमें कई बड़े नेताओं के पार्टी ज्वाइन करने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जजपा की नजर पूर्व मंत्री रणजीत चौटाला पर है। पार्टी की योजना है कि उन्हें इस रैली में शामिल करवाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया जाए।
जजपा के युवा अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा —
“7 दिसंबर को जुलाना में भव्य स्थापना दिवस कार्यक्रम होगा। इसमें कई बड़े नेता शामिल होंगे। रणजीत चौटाला जी को भी निमंत्रण दिया जाएगा। इस पर पार्टी पदाधिकारी अंतिम फैसला लेंगे।”
वहीं दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी रणजीत चौटाला से अंतिम मुलाकात दिवाली पर हुई थी, लेकिन इस संबंध में उन्हें किसी आधिकारिक जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर रणजीत चौटाला ने जजपा में शामिल होने की खबरों से इनकार किया और कहा —
“अभी कहीं जाने का इरादा नहीं है। फरवरी या मार्च में हिसार में एक बड़ी रैली करूंगा, जिसमें कार्यकर्ताओं से राय लेकर आगे का फैसला लूंगा।”
पारिवारिक फूट से लेकर गठबंधन टूटने तक की कहानी:

2018 में इनेलो (INLD) की गोहाना रैली के दौरान चौटाला परिवार में फूट पड़ी थी। अनुशासनहीनता के आरोप में अजय चौटाला और उनके बेटे दुष्यंत व दिग्विजय को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके बाद दुष्यंत चौटाला ने जननायक जनता पार्टी (JJP) की स्थापना की।
2019 विधानसभा चुनाव में जजपा ने 10 सीटें जीतकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। दुष्यंत चौटाला सिर्फ 31 साल की उम्र में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री बने।
हालांकि, बाद में BJP-JJP गठबंधन टूट गया, और लोकसभा चुनाव में जजपा के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इसके बाद पार्टी के 7 विधायक बागी हो गए और इनेलो-जजपा का वोट बैंक कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो गया।
रानिया चुनाव में मिली थी जजपा की मदद:
2024 के विधानसभा चुनाव में रानिया सीट से रणजीत चौटाला निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। इस दौरान उन्हें जजपा का समर्थन मिला था। जजपा ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था, और दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला ने रणजीत का चुनावी सहयोग किया था।
हिसार लोकसभा में चौटाला परिवार आमने-सामने:
हिसार से लोकसभा चुनाव के दौरान चौटाला परिवार तीन दलों में बंट गया था —
- BJP से रणजीत चौटाला
- INLD से सुनैना चौटाला
- JJP से नैना चौटाला
तीनों ही चुनाव हार गए और कांग्रेस के जयप्रकाश (जेपी) ने हिसार से जीत दर्ज की।
कांग्रेस में जाने की चर्चाएँ भी रहीं:
2024 विधानसभा चुनाव से पहले रणजीत चौटाला के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएँ भी तेज हुई थीं, जब बीजेपी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा और कहा —
“मैं कांग्रेस में नहीं जा रहा, भाजपा में ही रहूंगा। भाजपा ने मुझे मान-सम्मान दिया है।”
