करनाल के कुंजपुरा स्थित एक निजी वैकेंट हॉल में आयोजित जननायक जनता पार्टी (JJP) की बैठक ने हरियाणा की राजनीति में नई गर्माहट ला दी। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने की। मंच पर उनके साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
अजय चौटाला का तीखा प्रहार – “असली CM आज भी खट्टर”
अजय चौटाला ने मंच से कहा कि हरियाणा में असली मुख्यमंत्री अब भी मनोहर लाल खट्टर हैं, जबकि नायब सिंह सैनी केवल नाम के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “राज्य का संचालन IAS अधिकारी राज खुलर कर रहे हैं और निर्देश खट्टर दे रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब कुछ लोग IPS वाई पूरण कुमार मामले को लेकर सीएम से मिले, तो सैनी ने खुद कहा कि मेरे कहने पर तो चपरासी भी नहीं हटता। इससे साफ है कि सरकार किसी और के इशारे पर चल रही है।”

“सैनी सिर्फ मुखौटा, सत्ता की डोर खट्टर के हाथों में”
अजय चौटाला ने कहा कि “नायब सिंह सैनी प्रदेश में सिर्फ मुखौटा हैं, असली शक्ति खट्टर के पास है।” उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मानेसर लैंड स्कैम में जनता से धोखा किया, और अब भाजपा ने भी वही रास्ता पकड़ लिया है।”
दुष्यंत चौटाला का बड़ा हमला – “धान घोटाला हजारों करोड़ का”
बैठक में दुष्यंत चौटाला ने करनाल में हुए धान घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि “5 लाख मीट्रिक टन नकली गेट पास जारी किए गए हैं, जिससे हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है।”
दुष्यंत बोले, “मैंने अपने कार्यकाल में ऐसी चोरी रोकने के लिए बॉर्डर पर ट्रक पकड़े, अधिकारी निलंबित किए। लेकिन जैसे ही सैनी सीएम बने, उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों के लिए दरवाजे खोल दिए।”
“मेरी फसल मेरा ब्योरा” योजना पर निशाना
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जेजेपी के समय “मेरी फसल मेरा ब्योरा” योजना लीक-प्रूफ थी, लेकिन अब सैनी सरकार ने इसे लीक कर दिया है। उन्होंने कहा, “अब एफआईआर के बाद भी किसी अधिकारी को सस्पेंड नहीं किया जा रहा, जिससे मिलीभगत साफ है।”

लाडो लक्ष्मी योजना और डीजीपी बयान पर प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि “लाडो लक्ष्मी योजना” पूरी तरह असफल साबित हुई है। 100 में से केवल 25 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान हुआ। वहीं डीजीपी द्वारा “बुलेट चलाने” संबंधी बयान को उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बताया।
राजनीति में उबाल
कुंजपुरा की यह बैठक प्रदेश में आगामी चुनावी समीकरणों का संकेत दे रही है। चौटाला जोड़ी के तीखे तेवरों से यह साफ है कि जेजेपी अब विपक्ष की भूमिका को मजबूत तरीके से निभाने की तैयारी में है, और भाजपा-कांग्रेस दोनों को घेरने का एजेंडा बना चुकी है।
