हरियाणा के चौटाला परिवार में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला के बड़े बेटे और सिरसा जिला परिषद के चेयरमैन कर्ण चौटाला को लीगल नोटिस भेजा है।
यह नोटिस हाल ही में कर्ण चौटाला द्वारा एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में उनके बयान के कारण जारी किया गया। कर्ण ने दावा किया था कि 1990 के महम कांड की FIR में JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला का नाम भी शामिल था, जबकि JJP का कहना है कि यह आरोप निराधार है। नोटिस में कर्ण से चेतावनी दी गई है कि वे वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म से हटाएँ और 15 दिनों के भीतर माफी मांगे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
JJP के प्रवक्ता मंदीप बिश्नोई ने बताया कि कर्ण चौटाला ने इंटरव्यू में JJP और अजय चौटाला के खिलाफ अपमानजनक और झूठे बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्ण का वीडियो और बयान पार्टी और अजय चौटाला की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। नोटिस में कहा गया है कि अजय चौटाला ने FIR में अपना नाम डलवा लिया था और कर्ण ने इसे गलत तरीके से पेश किया, जिससे पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची।

कर्ण चौटाला ने 9 अक्टूबर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि महम कांड और कंडेला कांड से जुड़े सवाल आज भी उठते रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभय चौटाला का उस मामले में कोई रोल नहीं था। साथ ही उन्होंने कहा कि FIR में नाम अजय सिंह का था, अभय का नहीं, और यदि FIR में कुछ और तथ्य हों तो आमने-सामने बैठकर चर्चा करने को तैयार हैं।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व भी है। लोकदल के दिग्गज नेताओं और परिवार के अंदर चल रही सत्ता प्रतिस्पर्धा के बीच यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया है। JJP ने कर्ण चौटाला को नोटिस भेजकर यह सुनिश्चित किया है कि पार्टी और उनके नेता के खिलाफ गलत और निराधार प्रचार रोका जाए।
विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला चौटाला परिवार के भीतर जुझारू विवाद और हरियाणा की राजनीतिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है। राजनीतिक पार्टियों के बीच पुराने मामलों को लेकर बयानबाजी और कानूनी नोटिस एक आम प्रक्रिया बनती जा रही है।
कुल मिलाकर, यह लीगल नोटिस कर्ण चौटाला और JJP के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है और महम कांड से जुड़ी पुरानी विवादों को फिर से सार्वजनिक रूप से चर्चा में ला रहा है।
