सोनीपत जिले में जिंदल रियल्टी लिमिटेड ने पुलिस को शिकायत देकर गांव राठधाना की जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, धमकी और साजिश के मामले में कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत: जिंदल रियल्टी लिमिटेड ने गांव राठधाना की जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और धमकी के मामले में कई व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि कुछ लोगों ने मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी, फर्जी मुकदमे और जमीन पर कब्जे की कोशिश की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।v
जमीन पर जिंदल रियल्टी का मालिकाना हक
कंपनी के प्रतिनिधि हर्षवर्धन ने बताया कि वर्ष 2006 में जिंदल समूह ने राठधाना गांव में करीब 60 कनाल जमीन खरीदी थी, जो बाद में जिंदल रियल्टी लिमिटेड के नाम म्यूटेशन संख्या 9261 और 9271 (12 अप्रैल 2023) में दर्ज हुई। कंपनी को यहां आरएमसी प्लांट लगाने के लिए 4 अक्टूबर 2023 को CLU अनुमति भी मिली थी।

फर्जी मुकदमे और रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप
कंपनी का कहना है कि 2023 में संगीता और अनीता नामक महिलाओं ने 1 कनाल जमीन पर मालिकाना हक दिखाकर कोर्ट में मुकदमा दायर किया। कोर्ट ने मामला खारिज कर दिया, लेकिन बाद में जांच में पाया गया कि राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी बदलाव कर सुनीता-कविता के नाम की जगह संगीता-अनीता लिखा गया।
धमकी और निर्माण रुकवाने का प्रयास
मई 2025 में प्रदीप उर्फ मोना और दलवीर ने कंपनी से जमीन बदलने की मांग की और मना करने पर निर्माण रुकवाने की धमकी दी। उन्होंने मजदूरों को डराया और साइट पर दखल दी।
कंपनी ने मांगी सुरक्षा
कंपनी ने 16 मई 2025 को डीसी सोनीपत और पुलिस कमिश्नर को आवेदन देकर फर्जी प्रविष्टियों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आदेशों के बाद थाना शहर सोनीपत में धारा 316(4), 318(4), 337, 338, 336(3), 340(1), 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच एसआई नरेंद्र को सौंपी गई है।
कंपनी ने पुलिस से अनुरोध किया है कि उसकी संपत्ति, निवेश और कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की धमकी या नुकसान से बचाया जाए और निष्पक्ष जांच की जाए।
