Friday, March 27, 2026
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भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया ने रचा इतिहास: वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में गोल्ड, एक साल में तीसरा विश्व खिताब

भिवानी की स्टार बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जैस्मिन ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में ओलिंपिक मेडलिस्ट वू शिह यी को 4-1 से पराजित किया। इस जीत के साथ ही जैस्मिन पहली भारतीय मुक्केबाज बन गई हैं, जिन्होंने एक ही साल में तीन वर्ल्ड खिताब अपने नाम किए हैं।

जैस्मिन ने इससे पहले ब्राजील में आयोजित वर्ल्ड कप और इंग्लैंड के लिवरपूल में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था। अब नोएडा में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल 2025 में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने दमदार प्रदर्शन कर तीसरा खिताब भी हासिल कर लिया।

जैस्मिन का अनुभव — “प्रेशर नहीं लेना, यह सबसे बड़ा मंत्र”

दैनिक भास्कर एप से बातचीत में जैस्मिन ने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में हुई पिछली हार ने उन्हें एक सबक दिया कि रिंग में उतरते समय किसी भी तरह का प्रेशर नहीं लेना है। उन्होंने बताया कि पहले दबाव के चलते कई बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अब वे केवल अपने गेम पर फोकस करती हैं।

उन्होंने कहा—
“भारत में मुकाबला होने से होम क्राउड का सपोर्ट मिला। डर बिल्कुल नहीं था, बल्कि ये जिद थी कि देश के लिए गोल्ड जीतकर ही बाहर आऊं।”

Natural Game ने दिलाया गोल्ड

जब उनसे पूछा गया कि उनकी ‘गुप्त ताकत’ क्या रही, तो जैस्मिन ने बताया कि उनका नेचुरल गेम लांग रेंज है, और इसी रणनीति पर टिककर उन्होंने पूरा टूर्नामेंट खेला।

सेमीफाइनल से फाइनल तक – लगातार दो दिनों की चुनौती

जैस्मिन ने बताया कि फाइनल मुकाबला ओलिंपिक 2024 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट के साथ था। इतने बड़े खिलाड़ी के साथ रिंग साझा करना उनके लिए बड़ा अनुभव रहा।

उन्होंने कहा—
“जितना बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलती हूं, उतना अनुभव बढ़ता है। फाइनल मैच में दिमाग ने कैसे रिएक्ट किया, उससे बहुत कुछ सीखने को मिला।”

जीत के बाद पहला फोन किसका?

जैस्मिन ने हंसते हुए बताया—
“सबसे पहले मैंने अपने बेसिक कोच संदीप और परविंद्र लंबोरिया को कॉल किया और कहा कि मैं जीत गई हूं।”

स्पोर्ट्स बैकग्राउंड ने आसान किया सफर

उन्होंने कहा कि उनका परिवार स्पोर्ट्स बैकग्राउंड से है, इसलिए उन्हें समाज की आलोचनाओं का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ा। परिवार और कोच का लगातार समर्थन ही उनकी ताकत बना।

अब लक्ष्य — 2028 ओलिंपिक

जैस्मिन लंबोरिया ने कहा कि 2026 में एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स उनकी प्राथमिकता हैं, लेकिन मुख्य लक्ष्य 2028 ओलिंपिक है।

उन्होंने कहा—
“लड़ाई खुद से लड़नी है। जहां कमी है, वहीं खुद को और मजबूत कर आगे बढ़ना है।”

आगे क्या सीखेंगी?

उन्होंने बताया कि ओलिंपिक स्तर बेहद ऊंचा होता है। इसलिए वे मानसिक और शारीरिक फिटनेस पर लगातार काम कर रही हैं।
“नई-नई तकनीकें सीखना और माइंडसेट मजबूत करना मेरी प्राथमिकता है।”

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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