हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में बड़ा खुलासा। सीनियर अफसर ने दावा किया कि पूरन कुमार 5 दिन तक पुलिस की गैरकानूनी हिरासत में रहे। CCTV फुटेज गायब है, और रोहतक SP नरेंद्र बिजराणिया पर गंभीर आरोप लगे हैं।
हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में नए खुलासे सामने आए हैं। एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी ने दावा किया है कि पूरन कुमार 5 दिन तक पुलिस की गैरकानूनी हिरासत में रहे, और इस दौरान उन्हें ह्यूमिलिएट किया गया। अधिकारी ने आरोप लगाया है कि यह ‘किडनैपिंग’ रोहतक SP नरेंद्र बिजराणिया के इशारे पर की गई।
पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने घर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपनी पत्नी, IAS अफसर अमनीत पी. कुमार को भेजे गए 8 पन्नों के सुसाइड नोट में 15 अफसरों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था, जिनमें हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर भी शामिल हैं।

🔹 सीनियर अफसर के गंभीर आरोप
- पांच दिन की हिरासत: अफसर के अनुसार, पूरन को शराब कारोबारियों से उगाही के आरोप में पूछताछ के बहाने पुलिस ने उठाया।
- CCTV फुटेज गायब: जिस थाने में उन्हें रखा गया, वहां के पांच दिन की फुटेज गायब है।
- जातिगत टिप्पणियां: पूरन को कई बार उनके दलित होने के कारण अपमानित किया गया।
- पनिशमेंट पोस्टिंग: IG रोहतक से हटाकर उन्हें सुनारिया ट्रेनिंग कॉलेज भेजना ‘ह्यूमिलिएशन’ बताई जा रही है।
- पिता की मौत पर छुट्टी नहीं: सुसाइड नोट में ACS संजीव अरोड़ा पर भी आरोप कि पिता के निधन से पहले मिलने की छुट्टी तक नहीं दी गई।
सुसाइड के बाद दूसरा झटका: ASI संदीप लाठर ने भी दी जान
पूरन कुमार की मौत के 7 दिन बाद रोहतक साइबर सेल के ASI संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मार ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि पूरन कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से वह डिप्रेशन में थे।
चंडीगढ़ पुलिस की SIT अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है — जिसमें रिश्वत केस, गैरकानूनी हिरासत और CCTV फुटेज गायब होने जैसे कई सवाल शामिल हैं।
