हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में एक नया मोड़ सामने आया है। आईपीएस के गनमैन सुशील कुमार की पत्नी सोनी देवी ने हरियाणा सरकार को लिखे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पति को रोहतक जेल में रोज यातनाएं दी जा रही हैं और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
सोनी देवी ने अपने लेटर में कहा कि उनके पति सुशील कुमार कोई साधारण कैदी नहीं हैं, बल्कि आईपीएस पूरन कुमार की संदिग्ध मौत से जुड़ी एफआईआर (0156/2025) में मुख्य गवाह हैं। उन्होंने लिखा कि सुशील कुमार ही अकेले व्यक्ति हैं जो यह सच बता सकते हैं कि उनके खिलाफ दर्ज करप्शन केस झूठा था और यह एक सुनियोजित साजिश थी।

पत्नी ने दावा किया कि जिन अधिकारियों पर पूरन कुमार के परिवार ने आरोप लगाए थे, वही अब उनके पति को चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति को जेल में दो कैदी—संदीप और विकास—लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसलिए उन्होंने सुशील कुमार को रोहतक जेल से अंबाला या चंडीगढ़ जेल में शिफ्ट करने की मांग की है।
यह पत्र 2 नवंबर को हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजी (जेल), पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल, रोहतक सत्र न्यायाधीश, चंडीगढ़ एसआईटी और जेल अधीक्षक को भेजा गया।
उधर, चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने मामले की जांच में नए साक्ष्य जुटाए हैं। जांच टीम ने दो वकीलों के बयान दर्ज किए हैं, जिन्होंने बताया कि पूरन कुमार ने अपनी मौत से एक दिन पहले उनसे कानूनी सलाह ली थी। उन्होंने बताया कि अधिकारी बेहद तनाव में थे और उन्हें डर था कि झूठे मुकदमे में फंसाया जा सकता है।
मामला तब शुरू हुआ था जब 6 अक्टूबर को सुशील कुमार को करप्शन केस में गिरफ्तार किया गया, और अगले ही दिन यानी 7 अक्टूबर को आईपीएस पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली थी। अब गनमैन की पत्नी के नए खुलासे ने इस केस में एक और बड़ा मोड़ ला दिया है।
