पानीपत में किसानों की बर्बाद फसलों को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला सचिवालय के पास जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें किसानों की फसलों का शीघ्र सर्वे और शत-प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की गई है।
इनेलो कार्यकर्ताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में हुई बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण जिले की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर अब तक न तो सर्वे पूरा हुआ है और न ही किसानों को राहत राशि मिली है।
इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी ने कहा कि सरकार हरियाणा दिवस का उत्सव मना रही है, जबकि किसान अपनी फसल के नुकसान को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा, पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष जारी रखेगी।
राठी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नुकसान का आकलन नहीं हुआ तो इनेलो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा-जेजेपी गठबंधन सरकार केवल उत्सव और विज्ञापनों में व्यस्त है, जबकि किसान कर्ज और आर्थिक संकट में डूबे हैं।

इनेलो पदाधिकारियों ने बताया कि पानीपत जिले की सभी तहसीलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर किसानों की गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, लेकिन कुछ इलाकों में सर्वे तक शुरू नहीं हुआ है।
इनेलो नेताओं ने सरकार पर “कागजी दावे” करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री केवल भाषणों में किसानों की बात करते हैं, जबकि जमीन पर हकीकत कुछ और है।
प्रदर्शन के दौरान इनेलो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने किसानों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से तुरंत राहत देने की मांग की। पार्टी ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को जिला से प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
