हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक कुमार गर्ग ने अपने रिटायरमेंट से मात्र 25 दिन पहले एक ऐसी किताब लिखी है जो समाज के सबसे हाशिए पर खड़े वर्ग की सच्चाई को उजागर करती है। उनकी नई पुस्तक “जहर जो हमने पीया” महिला सफाई कर्मचारियों के जीवन संघर्ष और उनके अनुभवों पर आधारित है।
बुधवार को हिसार स्थित डिवीजन कमिश्नर आवास पर इस पुस्तक का विमोचन किया गया। खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में मंच पर कोई बड़ा अधिकारी या नेता नहीं, बल्कि वही महिलाएं मौजूद थीं जिनकी कहानियां इस पुस्तक में लिखी गई हैं। आईएएस अशोक कुमार गर्ग ने 41 महिला सफाई कर्मियों को अपने आवास पर बुलाकर न केवल मंच पर स्थान दिया बल्कि उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
पुस्तक विमोचन के दौरान महिला सफाई कर्मियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे समाज में आज भी सफाई कर्मियों को भेदभाव की नजर से देखा जाता है और किस तरह वे कठिन परिस्थितियों में भी शहर को स्वच्छ रखने का काम करती हैं। कई महिलाओं की आवाज़ भावुक कर देने वाली थी — उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने उनकी जिंदगी को समझा और उसे किताब में उतारा।

अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि हिसार में नगर निगम कमिश्नर रहते हुए उन्होंने महिला सफाई कर्मियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया था। इसी अनुभव को उन्होंने पुस्तक के रूप में लिखा ताकि समाज को यह समझाया जा सके कि सफाई कर्मचारी सिर्फ ‘सफाई करने वाले’ नहीं, बल्कि समाज के अभिन्न अंग हैं जो शहर की सेहत के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
इस मौके पर उपस्थित सफाई कर्मियों ने कहा कि गर्ग साहब ने हमेशा उनके मान-सम्मान की बात की। उन्होंने न केवल उनकी परेशानियों को सुना बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।
अशोक कुमार गर्ग की यह पुस्तक ‘जहर जो हमने पीया’ समाज के लिए एक आईना साबित हो सकती है — जो दिखाती है कि समानता और सम्मान के असली मायने क्या हैं।
