हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस में मिला। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 116 कर्मचारियों का डेटा पोर्टल से हटाए जाने और कई महीनों से वेतन न मिलने से जुड़ी अपनी गंभीर समस्याएँ सीएम के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 7 दिनों के भीतर सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
116 कर्मचारियों का डेटा हटने से संकट
HKRN संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनू बूरा ने बताया कि जींद जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात 116 कर्मचारियों का डेटा अचानक एचकेआरएन पोर्टल से गायब कर दिया गया है।
इसके कारण प्रभावित कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल पा रहा है और उनकी सेवा स्थिति असमंजस में है।
डेटा हटने के विरोध में कर्मचारी पहले ही जिला नागरिक अस्पताल में एक घंटे का सांकेतिक धरना दे चुके हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों ने तहसील स्तर पर ज्ञापन भी सौंपे थे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया कि उनका डेटा क्यों हटाया गया।
कर्मचारियों ने रखी अपनी मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कई प्रमुख मुद्दे उठाए, जिनमें शामिल हैं:
- समय पर वेतन भुगतान
- “समान काम के लिए समान वेतन” की नीति लागू करना
- कच्चे कर्मचारियों को स्थायी (पक्का) करने की मांग
- एचकेआरएन कर्मचारियों को भिवानी में प्रतिनियुक्ति पर न भेजना
- पोर्टल एरर और डेटा डिलीट की समस्या का तुरंत हल
सोनू बूरा ने कहा कि कर्मचारियों की स्थिति बेहद कठिन है क्योंकि बिना डेटा और बिना वेतन वे मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक दबाव में हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने दिया 7 दिन में समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों की सारी समस्याएँ विस्तार में सुनीं और ठोस आश्वासन दिया कि:
- पोर्टल में आ रही सभी तकनीकी दिक्कतें
- डेटा हटाए गए कर्मचारियों की पुनः एंट्री
- लंबित वेतन भुगतान
- नए वेतन लेवल की व्यवस्था
इन सभी मुद्दों का समाधान 7 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।
सीएम सैनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो कर्मचारी टेक्निकल टीम और सेवा टीम (टेलीफोन ऑपरेटर) में कार्यरत हैं, उन्हें लेवल 1 से लेवल 3 तक नियुक्ति मिलेगी, ताकि उनका वेतन और पद दोनों स्थिर रह सकें।
कर्मचारियों को मिला भरोसा—सरकार समाधान के मूड में
CM से मुलाकात के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
बूरा ने बताया कि यह पहली बार है जब सरकार ने इस मामले पर गंभीरता से प्रतिक्रिया दी है और जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
कौन-कौन रहे मौजूद?
इस मौके पर कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
- गोविंद खटक
- राकेश मलिक खरकरामजी
- मनोज कालकंदा बुआना
- राज्य कन्वीनर मंगत
- अन्य HKRN कर्मचारी
सभी ने संयुक्त रूप से सीएम को ज्ञापन सौंपा और तुरंत कार्रवाई की मांग की।
कर्मचारी इंतजार में—7 दिन बाद क्या होता है?
अब कर्मचारियों की नजर 7 दिनों के भीतर होने वाली सरकारी कार्रवाई पर टिकी है।
यदि समस्या हल नहीं होती, तो कर्मचारी दोबारा आंदोलन की तैयारी कर सकते हैं।
