49 लाख की ठगी का खुलासा: हिसार EOW ने आरोपी जितेंद्र को किया गिरफ्तार, लोन दिलाने के नाम पर ऐंठे लाखों
हिसार जिले की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जितेंद्र कुमार निवासी सिंगराणा, जिला हिसार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि उससे गहन पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पीड़ित ने बताया—5 साल पुरानी पहचान से शुरू हुई ठगी
शिकायतकर्ता अंकित ने पुलिस को बताया कि उसकी जान-पहचान आरोपी जितेंद्र से लगभग पाँच साल पहले गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे आरोपी ने अंकित पर विश्वास जमाया और उसे IDBI और IDFC बैंक से आसानी से लोन दिलवाने का लालच दिया।
लोन की प्रक्रिया के नाम पर आरोपी ने अंकित से उसके सभी ज़रूरी दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंक डिटेल्स हासिल कर लीं। पीड़ित को विश्वास था कि उसे बड़े लोन की मंज़ूरी मिल जाएगी, लेकिन यह शुरुआत थी एक बड़े फ्रॉड की।
लोन दिलाने का झांसा देकर बार-बार वसूले पैसे
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी जितेंद्र लगातार पीड़ित को नए-नए बहाने बनाकर डराता रहा। कभी कहता—नई शिकायत आ गई है, केस लग गया है, लोन रुक गया है, कमीशन बढ़ गया है, बैंक की जांच चल रही है…
हर बार आरोपी ने पीड़ित से बड़ी रकम वसूल की।
पीड़ित अंकित इतना मानसिक रूप से दबाव में आ गया कि उसने अपनी—
- जमीन बेचकर मिले पैसे
- बीमा क्लेम
- सेविंग्स
- और परिजनों से उधार लिया पैसा
सब आरोपी को दे दिया।
बैंक लेनदेन में सामने आया बड़ा खुलासा
जांच अधिकारी उप-निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि तकनीकी जांच और बैंक स्टेटमेंट की जांच में यह साफ हो गया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित से कुल ₹49,46,649/- की ठगी की।
हर बार ठगी अलग-अलग तरीकों से की गई —
- लोन फाइल चार्ज
- बैंक वेरिफिकेशन फीस
- कमीशन
- केस रद्द करवाने की फीस
- पुलिस शिकायत से बचाने के नाम पर धमकियाँ

छानबीन में सामने आया कि आरोपी ने लोन दिलाने की नीयत कभी रखी ही नहीं थी। उसकी मंशा शुरू से ही शिकायतकर्ता से पैसे ऐंठने की थी।
EOW हिसार ने आरोपी को दबोचा
आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की लोकेशन का पता लगाया।
टीम ने दबिश दी और आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि—
- क्या आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है?
- क्या उसने अन्य लोगों को भी इसी तरीके से ठगा है?
- उसके बैंक खातों से और कौन-कौन जुड़े हैं?
पीड़ितों को चेतावनी—ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहें
अधिकारी ने बताया कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि लोन दिलवाने के नाम पर होने वाली ऑनलाइन व ऑफलाइन ठगी तेजी से बढ़ रही है।
लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति को—
- बैंक दस्तावेज
- आधार-पैन कार्ड
- ओटीपी
- पासवर्ड
- बैंक स्टेटमेंट
कभी नहीं देना चाहिए।
आगे की जांच जारी
EOW ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल, बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस उम्मीद कर रही है कि रिमांड में कई और पीड़ितों तथा ठगी के नए मामलों का खुलासा हो सकता है।
