हिसार पुलिस ने फर्जी साइबर क्राइम अधिकारियों के नाम पर लोगों को धमकाकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भिवानी के गांव मीरान निवासी रूपेश कुमार और ढाणी कुलेरी निवासी सोनू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर हथियारों के बल पर लूटपाट, ठगी, साइबर धमकी और जबरन पैसे निकलवाने जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
2 बजे रात डॉक्टर के घर पहुंचा गिरोह
जांच अधिकारी एएसआई मांगे राम के अनुसार वारदात 29 अक्टूबर 2025 की रात करीब 2 बजे की है।
भिवानी के औबरा निवासी डॉक्टर पंकज के घर अचानक करीब 9 युवक घुस आए।
इन युवकों ने स्वयं को साइबर क्राइम गुरुग्राम का अधिकारी बताया और डॉक्टर सहित घर में मौजूद युवकों को आरोपित करते हुए धमकाना शुरू कर दिया।
हथियार दिखाकर पीड़ितों के फोन छीने, कमरों में बंद किया
आरोपियों ने घर में मौजूद सभी लोगों को गन प्वाइंट पर लेकर धमकी दी।
- पीड़ितों के मोबाइल फोन छीन लिए
- सभी को अलग-अलग कमरों में बंद कर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया
- डर और आतंक के माहौल में पीड़ितों से उनके एटीएम, बैंक अकाउंट और यूपीआई डिटेल्स ले लीं
आरोपियों ने इसी दौरान पीड़ितों के खातों से लगभग 2.50 लाख रुपए जबरन निकलवाए।
डॉक्टर के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाई, फिर जबरन क्रिप्टो ट्रांसफर करवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने डॉक्टर को और अधिक डराने के लिए उनके कपड़े उतरवाकर वीडियो तक बना ली।
इसके बाद वे डॉक्टर को जबरदस्ती बरवाला ले गए। वहाँ गिरोह के एक अन्य सदस्य के कहने पर एक युवक से 600 USDT (क्रिप्टो करेंसी) जबरन ट्रांसफर करवाई गई।
यह गिरोह पहले भी लोगों को क्रिप्टो के माध्यम से ठगने में शामिल रहा है।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी पकड़े गए
पीड़ित द्वारा दी गई बैंक और UPI ट्रांजेक्शन जानकारी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस शुरू किया।
लोकेशन, मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल्स और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस का कहना है कि अन्य सदस्यों का पता लगाकर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पहले भी रहे हैं आपराधिक रिकॉर्ड
हिसार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार रूपेश और सोनू के खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें—
- हत्या के प्रयास
- आर्म्स एक्ट के तहत केस
- मारपीट और धमकी
- छोटी-मोटी लूट के मामले शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि इस वारदात में इस्तेमाल किए गए—
- हथियार
- मोबाइल फोन
- बैंक अकाउंट
- फर्जी आईडी
- और दूसरे सामान
बरामद करने की प्रक्रिया जारी है।
गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस अब उन बाकी 7 आरोपियों की तलाश में है जो वारदात की रात गिरोह के साथ थे। उनके मोबाइल, बैंक स्टेटमेंट और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह हरियाणा के कई जिलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
पुलिस की अपील
हिसार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि
- कोई भी व्यक्ति यदि खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताकर घर में घुसने या पूछताछ की कोशिश करे तो तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें।
- असली साइबर क्राइम अधिकारी कभी भी रात के समय बिना नोटिस या यूनिफॉर्म के घर नहीं पहुंचते।
पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।
