हिसार जिले के पीएचसी डाटा में डिलीवरी के दौरान लापरवाही से 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पति की शिकायत और नेग्लीजेंसी बोर्ड रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दो स्टाफ नर्सों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हिसार जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) डाटा में डिलीवरी के दौरान लापरवाही के कारण एक 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना करीब दो महीने पुरानी है, लेकिन अब पुलिस ने नेग्लीजेंसी बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर दो स्टाफ नर्सों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला महिला के पति विकास की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जो गांव मोठ करनैल के रहने वाले हैं।
विकास ने बताया कि उनकी पत्नी आशु नौ माह की गर्भवती थी। 28 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे उसे प्रसव पीड़ा होने पर पीएचसी डाटा में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया, बल्कि वहीं जबरन डिलीवरी कराने का दबाव बनाया। शाम की ड्यूटी वाली स्टाफ नर्स ने बिना उचित जानकारी दिए नाइट शिफ्ट की नर्स को हैंडओवर नहीं किया, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो गई।
हिसार जिले के पीएचसी डाटा में डिलीवरी के दौरान लापरवाही से 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पति की शिकायत और नेग्लीजेंसी बोर्ड रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दो स्टाफ नर्सों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शाम के बाद आशु को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। रात में जब स्थिति नाजुक हो गई तो उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान 29 अगस्त को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक ब्लीडिंग और हृदय गति बढ़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

विकास की शिकायत पर नारनौंद थाना पुलिस ने हिसार सीएमओ कार्यालय से प्राप्त नेग्लीजेंसी बोर्ड रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 व 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। एएसआई रेनू रानी ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। मृतका के गर्भ से जन्मा नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है।
